दिल्ली मेट्रो को कैसे करें बेहतर? आप भी दे सकते हैं फीडबैक, 15 जुलाई से DMRC शुरू करने जा रहा ये काम
Delhi News In Hindi: दिल्ली मेट्रो सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए 15 जुलाई 2026 से 12वां 'ऑनलाइन कस्टमर सैटिस्फैक्शन सर्वे' शुरू कर रहा है. जानिए यात्री इस सर्वे में कैसे हिस्सा ले सकते हैं.

अगर आप दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) से नियमित सफर करते हैं, तो अब आपके पास इसकी सेवाओं को और बेहतर बनाने में अपनी हिस्सेदारी निभाने का शानदार मौका है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) यात्रियों की राय जानने और सुविधाओं में सुधार के लिए अपना 12वां ऑनलाइन कस्टमर सैटिस्फैक्शन सर्वे आयोजित करने जा रहा है.
यह सर्वे 15 जुलाई 2026 से 14 अगस्त 2026 तक चलेगा. इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों से सीधे यह जानना है कि उन्हें मेट्रो की मौजूदा सुविधाएं कैसी लग रही हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है.
कैसे ले सकते हैं सर्वे में हिस्सा?
जो भी यात्री दिल्ली मेट्रो की सेवाओं को लेकर अपना फीडबैक या सुझाव देना चाहते हैं, वे बेहद आसानी से इस सर्वे का हिस्सा बन सकते हैं: यात्रियों को DMRC की आधिकारिक वेबसाइट (www.delhimetrorail.com) पर जाना होगा. होम पेज पर ही सर्वे का लिंक उपलब्ध कराया जाएगा, जिस पर क्लिक करके आप अपनी राय दर्ज कर सकते हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए यह विस्तृत प्रश्नावली (Survey Form) हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध रहेगी.
मयूर विहार फेज-3 में बदमाशों का तांडव, कॉलोनी में घुसकर महिलाओं-बच्चों समेत 15 लोगों को पीटा
इन 7 प्रमुख विषयों पर मांगा जाएगा फीडबैक
इस सर्वे को व्यापक बनाने के लिए DMRC ने 7 प्रमुख पैरामीटर्स तय किए हैं, जिन पर यात्रियों से सवाल पूछे जाएंगे:
- उपलब्धता और पहुंच: मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने में आसानी.
- यात्री सुविधाएं: स्टेशन और ट्रेन के अंदर मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं.
- सूचना व्यवस्था: उद्घोषणा, डिस्प्ले बोर्ड और दिशा-निर्देशों की स्पष्टता.
- सेवाओं की गुणवत्ता: ट्रेनों की समय-सारणी और भीड़ प्रबंधन.
- ग्राहक सेवा: मेट्रो कर्मचारियों और कस्टमर केयर का व्यवहार.
- बाहरी व्यवस्था: मेट्रो स्टेशन के बाहर ऑटो/कैब और ट्रैफिक की व्यवस्था.
- सुरक्षा और आराम: सफर के दौरान महिलाओं और अन्य यात्रियों की सेफ्टी, सिक्योरिटी व आरामदायक सफर.
क्यों अहम है यह सर्वे?
DMRC प्रबंधन का कहना है कि यात्रियों द्वारा दिए गए फीडबैक और सुझावों का विस्तृत आकलन किया जाएगा. इस रिपोर्ट के आधार पर जिन क्षेत्रों या सेवाओं में कमी पाई जाएगी, वहां सुधार के लिए त्वरित और जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि दिल्ली मेट्रो का सफर भविष्य में और भी अधिक सुगम व सुरक्षित बन सके.
दिल्ली में 'मौत का गड्ढा': खेत में खेल रहे दो मासूमों की डूबने से मौत, FIR दर्ज
























