दिल्ली में कंपनी के कर्मचारी ने उड़ाए 99 लाख, तीन आरोपी गिरफ्तार, इतने लाख बरामद
Delhi Fraud Case: दिल्ली की एक कंपनी के मैनेजर ने थाने पहुंचकर बताया कि योगेश नाम का कर्मचारी मयूर विहार से कैश कलेक्शन के बाद लापता हो गया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

Delhi Crime News: दिल्ली के पूर्वी जिले में एक फिल्मी स्टाइल नकद चोरी ने पुलिस को भी चौंका दिया. रेडिएंट कैश कंपनी का एक भरोसेमंद कर्मचारी अचानक 99 लाख रुपये लेकर गायब हो गया. मामले में फिल्मी स्टाइल में प्लान बनाया गया.
25 अप्रैल को कंपनी के मैनेजर जयकिशन थाने पहुंचे और बताया कि योगेश नाम का कर्मचारी मयूर विहार से कैश कलेक्शन के बाद लापता हो गया है. रकम थी पूरे 99 लाख. पुलिस ने पहले तो इसे आम गबन समझा, लेकिन जब योगेश गायब ही रहा, तो शक गहराया.
फिल्मी स्टाइल में भागने की तैयारी
जांच जब स्पेशल स्टाफ को सौंपी गई तो इंस्पेक्टर जितेंद्र मलिक की टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से एक-एक कड़ी जोड़नी शुरू की. कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और नेटवर्क विश्लेषण से खुलासा हुआ कि योगेश ने ये सारा खेल अकेले नहीं रचा उसके साथ थे उसका भाई मुकेश, चचेरा भाई राहुल और दोस्त पंकज उर्फ सानू. चारों नेपाल भागने की योजना में जुटे थे.
पहली गिरफ्तारी, पहली सफलता
6 मई को टीम ने मुकेश को उसके गांव दौड़पुर, जिला प्रतापगढ़ (यूपी) से दबोच लिया. मुकेश की निशानदेही पर 51.3 लाख रुपये की रकम बरामद हुई. इसके बाद दिल्ली में दबिश देकर राहुल और पंकज को भी धर लिया गया, और इनके पास से 13 लाख नकद मिले.
योगेश ने उड़ाए पैसे ऐसे
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि कर्ज चुकाने में करीब 7 लाख रुपये पहले ही खर्च हो चुके हैं. एक मोबाइल फोन भी चोरी की रकम से खरीदा गया था. पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी योगेश नेपाल में छिपा हो सकता है और उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरनेशनल एजेंसियों से भी संपर्क किया जा रहा है.
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