डॉग लवर्स से स्पेस मांगने जा रही है MCD, इतने वार्डों में बनेगा फीडिंग प्वाइंट्स, शेल्टर होम के लिए जगह तय
एमसीडी के एक अधिकारी ने बताया कि यदि कोई डॉग लवर या पशु कल्याण कार्यकर्ता भूमि या उचित जगह उपलब्ध कराता है, जहां कुत्तों को खिलाया जा सके, तो ऐसे स्थलों को सूची में शामिल करने पर विचार किया जाएगा.

दिल्ली के डॉग लवर्स और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं को नगर निगम (एमसीडी) जल्द ही बुलाएगा और उनसे राय लेगा. निगम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, दिल्ली में सभी 250 वार्डों में कुत्तों की फीडिंग के लिए प्वाइंट्स बनाने जा रहा है. अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी.
अधिकारी ने कहा सभी 250 वार्डों में फीडिंग प्वाइंट्स तय करने के लिए बैठकें की जा रही हैं. इन प्वाइंट्स को रिहायसी इलाकों से दूर रखा जाएगा ताकि संभावित स्वास्थ्य और सुरक्षा चिंताओं से बचा जा सके. पशु चिकित्सा विभाग, स्वच्छता विभाग, आरडब्ल्यूए, स्थानीय प्रतिनिधि और निवासी के साथ चर्चा चल रही है ताकि फीडिंग प्वाइंट्स व्यावहारिक और सुरक्षित दोनों हों.
डॉग लवर्स से जगह उलब्ध कराने की अपील
उन्होंने कहा, "यह काम योजनाबद्ध तरीके से करना होगा. 200 से अधिक वार्डों में सुरक्षित स्थानों की पहचान करना आसान नहीं है, इसलिए विभिन्न विभागों और हितधारकों से परामर्श बेहद जरूरी है. यदि कोई डॉग लवर या पशु कल्याण कार्यकर्ता भूमि या उचित जगह उपलब्ध कराता है, जहां कुत्तों को खिलाया जा सके, तो ऐसे स्थलों को आधिकारिक सूची में शामिल करने पर विचार किया जाएगा.''
यहां बनेगा डॉग शेल्टर
दिल्ली सबसे अधिक आवारा कुत्तों की आबादी वाले शहरों में से एक है और यह मुद्दा अक्सर निवासियों, फीडर्स और नगर निकायों के बीच विवाद का कारण बनता है. एमसीडी ने कहा कि उसने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने पर काम शुरू कर दिया है.
योजना है कि द्वारका सेक्टर 29 और बेला रोड पर डॉग शेल्टर स्थापित किए जाएं, जहां आक्रामक कुत्तों को रखा जा सके. दोनों स्थानों पर पर्याप्त जगह है और पहले से ही एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) केंद्र और केनेल मौजूद हैं.
सुप्रीम कोर्ट का क्या है आदेश?
बता दें कि 23 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर अपने आदेश में संशोधन किया था. शीर्ष अदालत ने कहा था कि कुत्तों को पकड़ने के बाद उनका स्टरलाइजेशन (नसबंदी) और वैक्सिनेशन (टीकाकरण) हो. इसके बाद उन्हें उसी जगह छोड़ दिया जाए जहां से उन्हें लाया गया था.
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि रैबीज से ग्रस्त और खतरनाक कुत्तों को डॉग शेल्टर होम में ही बंद रखा जाएगा. दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), एनसीआर और दूसरे नगर निगम हर क्षेत्र में डॉग फीडिंग एरिया बनाए. यहीं लोग खाना दें. साथ ही निगम हेल्पलाइन नंबर जारी करे, ताकि यहां शिकायत हो सके कि डॉग फीडिंग एरिया की बजाय सड़क और गली में खाना दिया जा रहा है.
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Source: IOCL





















