GST रिफॉर्म को लेकर वीरेंद्र सचदेवा ने केंद्र का जताया आभार, क्या बोले दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष?
Delhi News: वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि यह फैसला पीएम मोदी के दूरगामी विज़न का हिस्सा है, जो न सिर्फ भारतीय उद्योग को गति देगा बल्कि भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने में मदद करेगा.

देश की कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने वाला है. GST काउंसिल ने 12% और 28% के स्लैब खत्म कर केवल दो दरें—5% और 18% रखने का फैसला किया है. इंश्योरेंस पॉलिसियों से लेकर रोजमर्रा के सामान तक, कई मोर्चों पर लोगों को राहत मिलेगी. ये बदलाव 22 सितंबर से लागू होंगे, यानी नवरात्र के पहले दिन से ही उपभोक्ताओं और कारोबारियों की जेब हल्की होगी.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दर स्लैब घटाने और लाइफ एवं हेल्थ इंश्योरेंस से जीएसटी हटाने के फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि यह फैसला प्रधानमंत्री के दूरगामी विज़न का हिस्सा है, जो न सिर्फ भारतीय उद्योग को गति देगा बल्कि भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा.
नवरात्र से लागू होगा नया बदलाव
सचदेवा ने बताया कि पहले नवरात्र, यानी 22 सितम्बर से जीएसटी दर स्लैब घटाने का असर सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा. इससे जहां आम लोगों को सस्ता सामान मिलेगा, वहीं कर चोरी की समस्या पर भी अंकुश लगेगा. उन्होंने कहा कि, दिल्ली के मध्यम वर्ग के लिए लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पर से जीएसटी हटना बड़ी राहत है. अब परिवार की सुरक्षा और स्वास्थ्य बीमा योजनाओं को लेना आसान होगा, जिससे लाखों परिवारों को सीधा फायदा पहुंचेगा.
शिक्षा सामग्री पर टैक्स माफी से गरीब एवं मध्यम वर्ग को लाभ
भाजपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि, प्राइमरी शिक्षा से जुड़ी सामग्री पर जीएसटी माफ होने से गरीब ही नहीं बल्कि मध्यम वर्गीय परिवार भी लाभान्वित होंगे. यह कदम बच्चों की पढ़ाई की लागत घटाने में मदद करेगा और शिक्षा को सुलभ बनाएगा.
सिर्फ दो स्लैब रहेंगे
GST काउंसिल ने टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाते 12% और 28% की दरें खत्म कर दी हैं और अब केवल दो ही स्लैब बचेंगे—5% और 18% रहेंगे. इससे उपभोक्ताओं और कारोबारियों दोनों को ही राहत मिलेगी.
हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर नहीं लगेगा टैक्स
अब तक व्यक्तिगत और फैमिली फ्लोटर हेल्थ एवं लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों पर 18% GST देना पड़ता था. लेकिन नए फैसले के बाद इन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. इससे आम परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा.
राज्यों की सर्वसम्मति, 22 सितंबर से लागू
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में बुधवार को हुई काउंसिल की बैठक में सभी राज्यों ने इन प्रस्तावों को मंजूरी दी. फैसले 22 सितंबर से लागू होंगे, जो नवरात्र का पहला दिन होगा. सीतारमण ने बताया कि, प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को जीएसटी में ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स’ की बात की थी. उसी वादे को निभाते हुए दिवाली से पहले लोगों को राहत देने का निर्णय लिया गया. इन सुधारों से किसानों और लेबर इंटेंसिव इंडस्ट्रीज को भी फायदा होगा.
रोजमर्रा के ये सामान सस्ते होंगे
हेयर ऑयल, शैम्पू, साबुन, टूथपेस्ट, साइकिल जैसे रोजमर्रा के सामान अब सस्ते होंगे. वहीं दूध, पनीर, रोटी, पराठा और चपाती जैसी बुनियादी चीजों पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा.
खाद्य पदार्थों पर सिर्फ 5% टैक्स
नमकीन, भुजिया, पास्ता, इंस्टैंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, बटर और घी जैसे प्रोडक्ट्स पर अब केवल 5% जीएसटी लगेगा. इससे खाने-पीने की कई चीजें पहले से सस्ती हो जाएंगी.
गाड़ियां और इलेक्ट्रॉनिक सामान होंगे किफायती
एसी, टीवी, वॉशिंग मशीन, 1500 सीसी तक की पेट्रोल कारें, 1200 सीसी डीजल कारें और 3500 सीसी तक की मोटरसाइकिलों पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है. वहीं, बसों, ट्रकों और एंबुलेंस पर भी यही दर लागू होगी. जबकि, इलेक्ट्रिक वाहनों पर पहले की तरह 5% जीएसटी ही रहेगा.
तंबाकू और पान मसाला महंगे ही रहेंगे
जहां आम लोगों और उद्योगों को राहत दी गई है, वहीं पान मसाला, सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर 40% टैक्स जारी रहेगा. इनके ऊपर पहले की तरह कंपनसेशन सेस भी वसूला जाएगा. राज्यों को दिए गए कर्ज की भरपाई तक यह व्यवस्था बनी रहेगी.
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Source: IOCL





















