दिल्ली: ट्रिपल इंजन सरकार पर कांग्रेस का तंज, गिनाए '12 महीनों के 12 कारनामे'
Delhi News: देवेन्द्र यादव ने दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार के एक साल पूरे होने पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस ने बीजेपी सरकार के '12 महीनों के 12 कारनामे' गिनाते हुए कहा कि जनता की उम्मीदें टूटी हैं.

देवेन्द्र यादव ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से रेखा गुप्ता सरकार के एक वर्ष पूरा होने पर तीखा बयान जारी किया है. उन्होंने “12 महीनों के 12 कारनामे” गिनाते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया.
देवेन्द्र यादव ने कहा कि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के कामकाज से नाराज़ जनता ने 27 वर्षों बाद भारतीय जनता पार्टी को इस उम्मीद के साथ सत्ता सौंपी थी कि कामकाज में आ रही बाधाएं खत्म होंगी. लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद न तो समस्याओं का समाधान दिखा और न ही भविष्य को लेकर कोई ठोस भरोसा बन पाया है.
विपक्ष की भूमिका पर सवाल, कांग्रेस ने खुद को बताया सक्रिय
यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष सुविधाओं का लाभ उठाने में व्यस्त है, जबकि विधानसभा में विपक्ष की भूमिका निभा रही आम आदमी पार्टी प्रभावी विरोध दर्ज कराने में नाकाम रही है. उन्होंने कहा कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने वास्तविक विपक्ष की भूमिका निभाते हुए समय-समय पर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है और सरकार को जवाबदेह बनाने की कोशिश की है.
'रिपोर्ट कार्ड नहीं, माफीनामा जारी करें': मुख्यमंत्री पर सीधा निशाना
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना साधते हुए देवेन्द्र यादव ने कहा कि बीजेपी की ट्रिपल इंजन सरकार अपने किसी भी बड़े वादे को पूरा करने में सफल नहीं रही है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को एक साल का रिपोर्ट कार्ड पेश करने के बजाय जनता के सामने अपनी नाकामियों और वादाखिलाफी का माफीनामा जारी करना चाहिए. कांग्रेस ने इस मौके पर सरकार के कथित कामकाज की एक सूची जारी करते हुए इसे “बीजेपी कुशासन के 12 महीनों के 12 कारनामे” बताया. यादव ने कहा कि दिल्ली के लोग अब विकास के उस दौर को याद कर रहे हैं, जब शीला दीक्षित के नेतृत्व में राजधानी में बुनियादी ढांचे पर तेज़ी से काम हुआ था. उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में कांग्रेस जमीनी हकीकत को और मजबूती से जनता के सामने रखेगी.
बीजेपी कुशासन और वादा खिलाफी के 12 महीनों के 12 कारनामे
1. यमुना सफाई का वादा अधूरा, डेटा पर भी रोक: सरकार ने यमुना को साफ करने का वादा किया था, लेकिन आरोप है कि प्रदूषण से जुड़े डेटा को सार्वजनिक करने पर ही रोक लगा दी गई. छठ व्रतियों को अब भी कृत्रिम घाटों का सहारा लेना पड़ रहा है.
2. प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं, AQI 700 पार: प्रदूषण कम करने के दावे के बीच मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों में छेड़छाड़ के आरोप लगे. कांग्रेस का कहना है कि AQI 700 के पार पहुंच गया और डॉक्टर लोगों को राजधानी छोड़ने की सलाह दे रहे हैं.
3. महिलाओं को 2500 रुपये का वादा जुमला: हर महीने 2500 रुपये देने की योजना बजट में प्रावधान के बावजूद लागू नहीं हो सकी. 5100 करोड़ रुपये लेप्स हो गए, लेकिन एक भी लाभार्थी के खाते में राशि नहीं पहुंची और न ही कोई समिति गठित की गई.
4. 500 रुपये सिलेंडर योजना अधूरी: 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने और त्योहारों पर मुफ्त सिलेंडर देने का वादा भी अधूरा रह गया. होली और दिवाली पर किसी तरह की राहत नहीं मिली.
5. बजट का बड़ा हिस्सा खर्च नहीं: करीब एक लाख करोड़ रुपये के वार्षिक बजट में से लगभग 58 हजार करोड़ रुपये खर्च नहीं हो पाए. कांग्रेस का आरोप है कि इससे विकास कार्य प्रभावित हुए और जनता के जरूरी काम अटक गए.
6. आयुष्मान कार्ड का वादा पूरा नहीं: पहली कैबिनेट में सभी दिल्लीवासियों के आयुष्मान कार्ड बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन आरोप है कि एक भी नया कार्ड जारी नहीं हुआ. बुजुर्गों को इलाज के नाम पर निराशा हाथ लगी.
7. झुग्गियों पर बुलडोजर, राशन कार्ड नहीं: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि झुग्गी-झोपड़ियों पर बुलडोजर कार्रवाई हुई, लेकिन गरीबों के लिए एक भी नया राशन कार्ड जारी नहीं किया गया. रेहड़ी-पटरी वालों को कथित ट्रिपल उगाही तंत्र का सामना करना पड़ रहा है.
8. डीटीसी बेड़े में बसें घटीं: पहले से संकट झेल रहे दिल्ली परिवहन निगम के बेड़े में बसों की संख्या बढ़ने के बजाय 2032 बसें कम हो गईं. इससे सार्वजनिक परिवहन पर दबाव बढ़ा है.
9. बच्चों की गुमशुदगी पर चिंता: रोजाना करीब 58 बच्चों के लापता होने के मामले सामने आने का दावा किया गया. कांग्रेस का कहना है कि महिलाएं ही नहीं, अब बच्चे भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
10. बिजली कटौती और बढ़ते बिल: बिजली कटौती और मनमाने बिलों से लोग परेशान हैं. सत्ता में आते ही पीपीएसी चार्ज बढ़ाने का आरोप भी लगाया गया.
11. गंदे पानी की समस्या बरकरार: राजधानी के कई इलाकों में लोगों को पिछले एक साल से गंदा पानी मिल रहा है. पेयजल की गुणवत्ता में सुधार के बजाय और गिरावट आई है और टैंकर माफिया के विस्तार का आरोप लगाया गया.
12. विकास कार्यों के नाम पर अव्यवस्था: खुदे गड्ढों, जलभराव और करंट लगने से होने वाली मौतों के मामलों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए गए. कांग्रेस का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर नई समस्याएं खड़ी हो गई हैं.
ट्रिपल इंजन सरकार और भी बेकार: कांग्रेस
अंत में देवेन्द्र यादव ने कहा कि ट्रिपल इंजन सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है. उन्होंने दोहराया कि “बीजेपी की ट्रिपल इंजन सरकार, और भी बेकार” साबित हुई है और कांग्रेस आने वाले समय में इन मुद्दों को और मजबूती से उठाती रहेगी.
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Source: IOCL



























