CISF की वंदे मातरम तटीय साइक्लोथॉन, 6553 KM का सफर, तटीय सुरक्षा के लिए गांव-गांव गूंजेगा संदेश
Delhi News: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) 28 जनवरी 2026 से 'वंदे मातरम तटीय साइक्लोथॉन-2026' शुरू कर रहा है. यह 6,553 किलोमीटर की यात्रा देश की तटीय सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित है.

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) देश की तटीय सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए 28 जनवरी 2026 से ‘वंदे मातरम तटीय साइक्लोथॉन-2026’ की शुरुआत करने जा रहा है. इस खास साइकिल यात्रा को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम से वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाएंगे.
यह साइक्लोथॉन करीब 25 दिनों में 6,553 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करेगी. इसका मकसद सिर्फ साइकिल चलाना नहीं, बल्कि तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षा, एकता और सतर्कता का संदेश देना है. इस यात्रा में सीआईएसएफ की दो टीमें शामिल होंगी. एक टीम गुजरात के कच्छ स्थित लखपत किले से पश्चिमी तट के रास्ते आगे बढ़ेगी, जबकि दूसरी टीम पश्चिम बंगाल के बक्खाली से पूर्वी तट के जरिए सफर करेगी. दोनों टीमें 22 फरवरी 2026 को केरल के कोच्चि में मिलेगी.
CISF द्वारा तटीय गांव-गांव पहुंचेगा सुरक्षा का संदेश
इस साइक्लोथॉन की थीम है सुरक्षित तट, समृद्ध भारत यात्रा के दौरान तटीय इलाकों में नशीले पदार्थों की तस्करी, हथियारों की अवैध आवाजाही और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खतरों को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा. खासतौर पर मछुआरों और स्थानीय लोगों से संवाद कर उन्हें तटीय सुरक्षा में भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
समुद्र किनारे-किनारे एकता की रफ्तार CISF का तटीय सुरक्षा अभियान
इस अभियान में कुल 130 सीआईएसएफ कर्मी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 65 महिला जवान भी शामिल हैं. सभी ने इसके लिए कड़ा प्रशिक्षण लिया है. यात्रा के दौरान सूरत, मुंबई, गोवा, मंगलुरु, चेन्नई, विशाखापत्तनम, कोणार्क, हल्दिया, पुडुचेरी और कन्याकुमारी जैसे प्रमुख तटीय शहरों में कार्यक्रम होंगे.
साथ ही 50 से ज्यादा तटीय गांवों में रात्रि विश्राम के दौरान स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. सीआईएसएफ पहले से ही देश के बड़े बंदरगाहों की सुरक्षा संभाल रहा है. यह साइक्लोथॉन सुरक्षाबलों और तटीय समुदायों के बीच भरोसा मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
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