Delhi: AAP को दिल्ली HC से राहत, ऑफिस किराया मामले में केंद्र को नोटिस, जानें पूरा मामला
Delhi News: AAP ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें केंद्र सरकार से 8 लाख रुपये के किराए के नोटिस पर जवाब मांगा है. पार्टी ने कहा कि यह आदेश उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है.

Delhi High Court News: दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने विट्ठल भाई पटेल हाउस स्थित अपने ऑफिस के किराए को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. हाई कोर्ट में जस्टिस सचिन दत्त की बेंच ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया.
साथ ही दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा. कोर्ट में AAP पार्टी ने दाखिल अपनी याचिका में दावा किया है, शहरी और आवास मामलों के मंत्रालय के तहत कार्यरत निदेशालय ने उनकी पार्टी को आवंटित डबल सुइट कमरे का आवंटन 14 सितंबर 2024 से रद्द कर दिया. वह भी बिना कोई शो कॉज नोटिस दिए.
8 लाख रुपये से अधिक का किराया मांगा
AAP को कोई सुनवाई का मौका भी नहीं दिया. दिल्ली हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता का कहना है कि इस आदेश की जानकारी उन्हें पहली बार 17 जनवरी 2025 को एक लेटर के जरिए मिली इसके बाद उन्होंने 30 अप्रैल को परिसर का कब्जा सरकार को सौंप दिया.
AAP की तरफ से कहा गया की 20 जून को संबंधित डिपार्टमेंट ने दोबारा किराया बिल जारी करते हुए एक रिमाइंडर भेजा और सितंबर 2024 से अप्रैल 2025 तक के लिए 8 लाख से अधिक किराया मांगा. इसके पहले 6 मार्च और 13 मई को भी इसी संबंध में लेटर भेजे गए थे.
संवैधानिक मूल अधिकारों के खिलाफ है
AAP की तरफ से देश वकील ने कोर्ट से आग्रह किया कि 20 जून के रिमाइंडर नोटिस पर रोक लगाई जाए. इस पर केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि अभी सिर्फ नोटिस भेजा गया है, कोई तात्कालिक कार्रवाई नहीं की जा रही है. इसलिए कोई जल्दबाजी नहीं है.
दिल्ली हाई कोर्ट में AAP ने अपनी याचिका में मांग की है कि कोर्ट न केवल रिमाइंडर नोटिस पर रोक लगाई जाए, बल्कि आवंटन रद्द करने के एकतरफा आदेश को भी रद्द करें. AAP का आरोप है कि आदेश मनमाना है और यह संवैधानिक मूल अधिकारों के खिलाफ है.
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Source: IOCL






















