मुस्तफिजुर विवाद पर पाकिस्तानी मूल के क्रिकेटर को लगी मिर्ची, सरेआम ICC को लगा दी फटकार
Mustafizur Rahman Controversy: मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर द्वारा आईपीएल से रिलीज किए जाने पर इंग्लैंड के खिलाड़ी ने आईसीसी की आलोचना की है. उनके मुताबिक आईसीसी ने इस स्थिति को अच्छे से नहीं संभाला.

बीसीसीआई के निर्देश पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने जब से मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज किया है, इस पर क्रिकेट जगत से अलग-अलग प्रतिक्रिया आ रही है. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मोईन अली ने इन सबके बीच आईसीसी की आलोचना की है, उनके अनुसार इस स्थिति को संभाला जा सकता था. पाकिस्तानी मूल के इस खिलाड़ी ने पाकिस्तान का भी नाम लिया, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ भी ऐसा ही होता जा रहा है.
मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश बीसीसीआई ने यूं ही नहीं दिया, बल्कि इसके पीछे एक वजह थी. दरअसल बांग्लादेश में 2 हिन्दू युवकों की हत्या का विरोध भारत में काफी समय से हो रहा था. वहां अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार की और भी खबरें सामने आई, जिसके बाद भारत में केकेआर का विरोध होने लगा कि उन्होंने बांग्लादेशी प्लेयर को क्यों खरीदा था. इस वजह से बीसीसीआई ने ये निर्देश दिया था. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मोईन अली मानते हैं कि राजनीति को क्रिकेट से दूर रखा जाना चाहिए.
मोईन अली ने क्या कहा
Bdnews 24 से बात करते हुए उन्होंने कहा, "इन सब चीजों को लेकर खेल पहले से ही थोड़ा खतरे में है, और फिर उसके बाद मुस्तफिजुर के साथ जो हुआ. सच बोलूं तो, यहां कुछ ठीक नहीं है. चीज़ों को ठीक करने के लिए कुछ करने की ज़रूरत है क्योंकि यह सिर्फ़ मुस्तफिजुर की बात नहीं है. पाकिस्तान, बांग्लादेश, हम सब जानते हैं कि कई तरह की दिक्कतें चल रही हैं. यह ऐसे जारी नहीं रह सकता. ये बड़ी समस्याएं हैं. सबसे ज्यादा, मुझे मुस्तफ़िज़ुर के लिए बुरा लग रहा है. उसे इतना अच्छा कॉन्ट्रैक्ट मिला, और उसके करियर, सालों की शानदार परफॉर्मेंस और सफर को देखते हुए, उसे आखिरकार इतनी अच्छी चीज मिली. वह किसी दूसरी टीम में हो सकता था, लेकिन KKR ने उसे खरीदा. सच कहूं तो, सबसे ज़्यादा नुकसान उसी का हो रहा है."
उन्होंने आगे कहा, "मैंने आज पढ़ा कि बांग्लादेश भारत नहीं जाएगा और उन्होंने आईपीएल के प्रसारण पर रोक लगा दी. असल में, मैं बांग्लादेश को दोष नहीं दे रहा हूं. लेकिन जो भी ये सब कर रहा है, जो भी इन मुद्दों को घसीट रहा है, यह बहुत ही बकवास बात है क्योंकि क्रिकेट अलग है. लोग क्रिकेट खेलते हैं और पसंद करते हैं, खासकर सबकॉन्टिनेंट में. लोग अपने पसंदीदा क्रिकेटर्स को देखना पसंद करते हैं, और अगर फिज केकेआर के लिए खेलता, तो यह बांग्लादेश और उनके लोगों के लिए बहुत अच्छा होता. सिर्फ़ यहां नहीं, बल्कि वहां के बंगालियों के लिए भी. तो, यह निराशाजनक है. बस एक बुरी स्थिति है. यह बहुत समय से हो रहा है, लेकिन कोई कुछ नहीं कहता. ऐसा लगता है कि सब देखते हैं लेकिन नजरअंदाज कर देते हैं."
आईसीसी की आलोचना
मोईन अली ने आगे कहा, "आईसीसी कभी ऐसा नहीं था, यही सच है. लेकिन कोई कुछ नहीं कहता. सब जानते हैं कि इसे कौन चलाता है. क्या ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे देशों को यहाँ कोई भूमिका नहीं निभानी चाहिए? वे भी कुछ नहीं कहते. उन्हें कहना चाहिए. लेकिन पूरी दुनिया ऐसे ही काम कर रही है. सिर्फ क्रिकेट या पॉलिटिक्स में नहीं, बल्कि हर जगह. सबका अपना एजेंडा होता है, और जब तक वे ठीक हैं, उन्हें किसी और चीज की परवाह नहीं होती."
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Source: IOCL


















