Holi 2025: केमिकल से चेहरा ना हो जाए खराब, छत्तीसगढ़ की महिलाएं बना रहीं हर्बल गुलाल
Holi 2025: छत्तीसगढ़ का बलरामपुर जिला होली पर हर्बल गुलाल के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है. यहां मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे प्राकृतिक संसाधन से बने गुलाल का उपयोग करें.

Holi in India 2025: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के गांव में महिलाएं होली पर अपनी आजीविका को बढ़ाने के लिए हर्बल गुलाल बना रही हैं. गुलाल के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाएगा. स्थानीय प्रशासन द्वारा बाजार और कार्यालय में स्टॉल लगाया जाएगा ताकि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो पाएं. ये महिलाएं नेशनल लाइवलीहुड मिशन के तहत इको-फ्रेंडली हर्बल गुलाल बना रही हैं. इसके लिए चुकंदर और पलाश के फूल का इस्तेमाल किया जा रहा है.
इसकी जानकारी बलरामपुर जिला के सीईओ रणवीर साय ने दी. समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में रणवीर साय ने कहा, ''बलरामपुर जनपद के मनौरा ग्राम पंचायत के गंगा महिला एसएचजी की सदस्य हर्बल गुलाल बना रही हैं. आगे होली का त्योहार है. हर्बल गुलाल के जरिए आजीविका में बढ़ोतरी के लिए काम कर रही हैं. अब तक उन्होंने एक क्विटल गुलाल बना लिया है आगे निर्माण जारी है."
#WATCH | Balrampur, Chhattisgarh | Women of Ganga Mahila SHG (Self-Help Group) under the National Livelihood Mission prepare eco-friendly herbal gulal using ingredients like beetroot and palash flowers for Holi in the Balrampur district of Chhattisgarh. pic.twitter.com/FDczuHzHNX
— ANI (@ANI) March 9, 2025
सीईओ ने जानकारी दी कि होली के अवसर पर बाजार और कार्यालय में स्टॉल लगाया जाएगा. उस स्टॉल में महिलाएं हर्बल गुलाल बेचेंगी. अपनी आजीविका बढ़ाएंगी. आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त होंगी.
प्राकृति संसाधन से बनाया गया है गुलाल- रणवीर साय
हर्बल गुलाल की खूबियों को गिनाते हुए रणवीर साय ने कहा, ''हर्बल गुलाल केमिकल से बनने वाले गुलाल से अलग है. यह प्राकृतिक संसाधन से बनाया जाता है. केमिकल से बनने वाले गुलाल से रिएक्शन होता है लेकिन हर्बल गुलाल उससे अलग है. यह फायदेमंद भी है. इसका उपयोग कर सकते हैं. हम लोगों से अपील करते हैं अधिक से अधिक हर्बल गुलाल का उपयोग करें. स्वयं सहायता समूह की जो हमारी बहनें हैं उनका आर्थिक सहयोग करें."
देश में होली का त्योहार 14 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन मनाया जाएगा. उसके एक दिन पहले 13 मार्च को होलिका दहन है. देश के विभिन्न हिस्सों में होली को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. बाजार में तरह-तरह के गुलाल, रंग और पिचकारियां उपलब्ध हैं. प्रशासन लोगों से सुरक्षित होली मनाने की अपील कर रहा है.
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Source: IOCL





















