छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती का खुलासा, BJP नेता का खेत होने का दावा, सियासी घमासान शुरू
Durg News In Hindi: दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने ग्राम समोदा क्षेत्र में मक्के की फसल के बीच की जा रही अवैध अफीम की खेती का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया. भुपेश बघेल भी अफीम का खेत देखने पहुंचे.

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में मक्के की खेती के बीच बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती किए जाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. सूचना मिलते ही जेवरा सिरसा चौकी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसपी मणिशंकर चंद्रा के नेतृत्व में मौके पर रेड की. खेत में पहुंचकर पुलिस भी उस समय हैरान रह गई, जब मक्के की फसल के बीच करीब 5 से 6 एकड़ में अफीम की लहलहाती फसल उगाई गई मिली.
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने ग्राम समोदा क्षेत्र में मक्के की फसल के बीच की जा रही अवैध अफीम की खेती का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया. मामला सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भुपेश बघेल भी अफीम का खेत देखने पहुंचे. जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया.
खेत में उगाई जा रही अफीम
पुलिस ने पूरे खेत को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने मौके पर मौजूद पौधों की जांच की. जांच में यह पुष्टि हुई कि खेत में उगाई गई फसल मादक पदार्थ अफीम की ही है. इसके बाद पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि चौकी क्षेत्र के अंतर्गत अफीम की खेती किए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल रेड की कार्रवाई की. मौके पर फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में पूरे खेत का निरीक्षण किया गया, जिसमें अफीम की खेती की पुष्टि हुई.
एक करोड़ की कीमत का आंकलन
प्रारंभिक जांच में यह जमीन विनायक ताम्रकार ने दूसरे को देखकर रखा था, उन्हें नोटिस देकर पूछताछ की जा रही है. एएसपी ने बताया कि मक्के की खेती के बीच अफीम की फसल को इस तरह उगाया गया था कि बाहर से देखने पर संदेह न हो. करीब 5 से 6 एकड़ में फैली इस खेती की अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जा रही है.
फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. दुर्ग जिले में इतने बड़े पैमाने पर अफीम की खेती का यह पहला मामला सामने आया है, जिसे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है.
गूगल सर्च से हुआ खुलासा
समोदा गांव के सरपंच अरुण गौतम ने बताया कि यह खेती बृजेश ताम्रकार द्वारा की जा रही थी. उन्हें दो दिन पहले इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी, सरपंच ने बताया कि उनके पास एक फोटो आया था, जिसे गूगल पर सर्च करने पर पता चला कि यह अफीम का पौधा है और मक्के की फसल के बीच इसकी खेती की जा रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस खेती में विनायक ताम्रकार और बृजेश ताम्रकार शामिल हैं, जबकि खेत उनकी बहन के नाम पर बताया जा रहा है.
राजस्थानी लोगों द्वारा खेती करने की बात
विनायक ताम्रकार ने कहा कि पास के खेत में अफीम की खेती की जानकारी मिलने पर वह देखने पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि मधुमति और प्रीतिबाला ताम्रकार के खेत में कुछ बाहरी, संभवतः राजस्थानी लोग यह खेती कर रहे थे.
आरआई रेखा शुक्ला ने बताया कि खसरा नंबर 310, ग्राम झेंझरी की 9 एकड़ भूमि मधुमति ताम्रकार और प्रीतिबाला ताम्रकार के नाम दर्ज है, जहां मक्के की फसल के साथ अफीम की मिश्रित खेती की जा रही थी.
डीएम ने शुरू की जांच
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने ग्राम समोदा क्षेत्र में मक्के की फसल के बीच की जा रही अवैध अफीम की खेती का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि अफीम की खेती की सूचना मिलने के बाद वे स्थिति का जायजा लेने पहुंचे हैं. प्रारंभिक जांच में यहां अफीम की खेती किए जाने के संकेत मिले हैं. कलेक्टर ने कहा कि भूमि को कुछ लोगों ने हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा होगा. उन्होंने इसे चिंताजनक बताते हुए कहा कि मामले की बारीकी से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
बीजेपी नेता की जमीन पर खेती का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल भी अफीम की खेती देखने पहुंचे. भूपेश बघेल ने कहा कि बीजेपी की सरकार में उन्ही के पदाधिकारी नशा की खेती कर रहे हैं. इन लोगों को किस मंत्री अधिकारी का संरक्षण है इसकी भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आरोपी बड़े-बड़े नेताओं अधिकारियों के साथ उठता बैठता है. अपराधियों को सरकार का खुला संरक्षण मिला हुआ है.
बीजेपी नेता निलंबित
इस मामले के तूल पकड़ते ही भारतीय जनता पार्टी ने बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार को तत्काल पार्टी से निष्कासित कर दिया है. लेकिन मामला उजागर होने के बाद छत्तीसगढ़ का सियासी पारा जरूर चढ़ गया है और विपक्षी दल कांग्रेस अब विष्णुदेव सरकार पर आक्रामक है.
Source: IOCL


























