बिहार में सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा लोगों का भरोसा! नीतीश सरकार ने पेश किए आंकड़े
Bihar Health System: 2004-05 में बिहार का जहां स्वास्थ्य का कुल बजट महज 705 करोड़ हुआ करता था, वहीं अब साल 2025 तक यह बजट बढ़कर 20,035 करोड़ तक पहुंच गया है.

Bihar News: बिहार के लोगों का सरकारी अस्पतालों पर भरोसा बढ़ा है. नीतीश सरकार ने आंकड़े पेश किए हैं. बिहार सरकार के 2006 के आंकड़ों की मानें तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक माह में आने वाले मरीजों की संख्या केवल 39 हुआ करती थी लेकिन अब महीने 11,600 से अधिक मरीज इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों जा रहे हैं.
सरकार की ओर से दावा किया गया कि यह सिर्फ आंकड़ा नहीं बल्कि बदलते बिहार की तस्वीर है. एक विज्ञप्ति जारी कहा गया कि साल 2004-05 में जहां स्वास्थ्य का कुल बजट महज 705 करोड़ हुआ करता था, वहीं अब साल 2025 तक यह बजट बढ़कर 20,035 करोड़ तक पहुंच गया है.
डॉक्टरों की संख्या और उपस्थिति में भी हुआ सुधार
नीतीश सरकार ने 20 सालों के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों का विस्तार किया है. मुफ्त दवाओं की जांच की व्यवस्था तक की गई है. इतना ही नहीं बल्कि डॉक्टरों की संख्या और उपस्थिति में भी सुधार हुआ है. दूसरी ओर अब सरकारी अस्पतालों में नई टेक्नोलॉजी का प्रयोग भी हो रहा है.
जल्द 15 मेडिकल कॉलेज होंगे, 9 और का प्रस्ताव
बता दें कि बिहार दूसरा ऐसा राज्य होगा जहां दो एम्स होंगे. पटना में एम्स बन चुका है. वहीं दरभंगा में एम्स का निर्माण शुरू हो गया है. 2005 से पहले सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बिहार में 6 हुआ करती थी जो अब बढ़कर 11 हो चुकी है. प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज का काम पूरा होने के बाद यह संख्या 15 हो जाएगी. इसके अलावा 9 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज बनाने का भी प्रस्ताव है.
गौर करने वाली बात ये है कि आने वाले दिनों में बिहार झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लिए स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने वाले राज्य के रूप में पहचान बनाएगा. पीएमसीएच के विस्तार का काम चल रहा है. इसके पूर्ण होते है साढ़े पांच हजार बेड वाल यह अस्पताल दूसरे राज्यों के लिए भी स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराएगा.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















