Tej Pratap Yadav: पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज से भड़के तेज प्रताप यादव, बोले- 'आवाज को…'
Tej Pratap Yadav News: तेज प्रताप यादव ने हा कि न्याय, सम्मान और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा. कहा कि जनशक्ति जनता दल छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में खड़ा है.

पटना में छात्र संगठन आइसा (AISA) की ओर से बुधवार (22 जुलाई, 2026) को निकाले गए विरोध मार्च के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस घटना पर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने प्रतिक्रिया दी है.
'आवाज को लाठियों से नहीं दबाया जा सकता'
तेज प्रताप ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "पटना में अपने अधिकारों की आवाज उठा रहे बेकसूर छात्रों पर हुआ लाठीचार्ज बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है. लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को लाठियों से नहीं दबाया जा सकता. जनशक्ति जनता दल छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ा है. न्याय, सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा."
पटना में अपने अधिकारों की आवाज़ उठा रहे बेकसूर छात्रों पर हुआ लाठीचार्ज बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतंत्र में युवाओं की आवाज़ को लाठियों से नहीं दबाया जा सकता। जनशक्ति जनता दल छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ा है। न्याय, सम्मान और… pic.twitter.com/VjyOfyN14C
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) July 22, 2026
शक्ति यादव ने भी बताया शर्मनाक
आरजेडी नेता और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने भी इस घटना को शर्मनाक बताया है. शक्ति यादव ने कहा कि दिल्ली से पटना तक लहूलुहान होते छात्र और धुआं-धुआं होते शहर इस अहंकारी सरकार की तानाशाही के सुबूत हैं. नीट धांधली पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी मांगने वाले नौजवानों और हमारी बेटियों पर लाठियां और आंसू गैस के गोले बरसाना बेहद शर्मनाक है.
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शक्ति यादव ने कहा कि पुलिसिया गुंडई और बहनों के साथ हो रही अभद्रता लोकतंत्र के लिए कलंक है. पटना और दिल्ली में हुई इस बर्बरता की उन्होंने निंदा की. कहा कि सत्ता के नशे में चूर बड़बोले सत्ताधीश अगल-बगल के देशों से कुछ सीख लें.
उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में बातचीत से हल निकलता है, लाठियों से नहीं. अगर छात्रों का यह आंदोलन पूरे देश में भड़का, तो याद रखना- सत्ता प्रतिष्ठान को मुंह छिपाने की जगह नहीं मिलेगी. छात्रों के भविष्य से खेलना बंद करो और धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त करो."
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