पटना में छात्राओं और शिक्षिकाओं के लिए चलेगी पिंक बस, ऑनलाइन और ऑफलाइन मिलेगा पास
इस पहल से स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं और महिला शिक्षिकाओं को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा. पटना में 100 पिंक बसों की शुरुआत हो चुकी है.

पटना में पिंक बस सेवा अब स्कूली समय के अनुसार चलेगी, ताकि छात्राओं और महिला शिक्षिकाओं को सुविधा हो. परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) मिहिर कुमार सिंह ने इस संबंध में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) को निर्देश दिए हैं.
पटना में 30 पिंक बसों का हो रहा संचालन
उन्होंने कहा कि इस पहल से स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं और महिला शिक्षिकाओं को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो चरणों में कुल 100 पिंक बसों को हरी झंडी दिखाकर राज्य भर में इसकी शुरुआत की है. इनमें से 30 बसें पटना के विभिन्न मार्गों पर चलाई जा रही हैं. इसके अलावा, पटना जिला और आस-पास के क्षेत्रों को जोड़ने के लिए पिंक बसें संचालित की जाएंगी.
छात्राओं के लिए पिंक बस पास में रियायत
पिंक बस का मासिक पास छात्राओं के लिए 450 रुपये, महिलाओं और ट्रांसजेंडर के लिए 550 रुपये निर्धारित किया गया है. पास बनवाने के लिए ‘चलो मोबाइल एप’ के जरिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है, जो एक दिन में जारी हो जाता है. ऑफलाइन पास के लिए 20 रुपये अतिरिक्त शुल्क देकर तत्काल पास प्राप्त किया जा सकता है.
पास बनवाने के लिए छात्राओं को आधार कार्ड, कॉलेज आईडी, और पासपोर्ट साइज फोटो देना होगा, जबकि महिला यात्रियों को आधार कार्ड और फोटो देना अनिवार्य है. इस नई व्यवस्था से छात्राओं और महिला शिक्षिकाओं को सुविधा तो मिलेगी ही, साथ ही सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा और विश्वास भी और मजबूत होगा. ऑफलाइन पास बांकीपुर और फुलवारीशरीफ बस डिपो से उपलब्ध हैं.
सबसे बड़ी बात की इस सेवा के शुरू होने से महिलाओं को बसों में धक्के नहीं खाने होंगे. सुरक्षा के लिहाज से भी ये निर्णय काफी अहम और स्वागत योग्य है. महिलाओं को इससे काफी सुविधा मिलेगी. उन्हें बस या ऑटो के इंतजार में घटों खड़े नहीं होना पड़ेगा. सबसे अच्छी बात ये है कि इन पिंक बसों में कंडक्टर और चालक भी महिलाएं ही होती हैं.
Source: IOCL





















