बिहार में लगेगा राष्ट्रपति शासन, फिर बनेगा अलग केंद्र शासित प्रदेश? पप्पू यादव का बड़ा सियासी दावा
पूर्णिया लोकसभा सीट से सांसद पप्पू यादव ने बिहार की हालिया सियासी स्थिति पर बड़ा दावा किया है. उनके मुताबिक राज्य के कुछ हिस्सों को अलग नया केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाएगा.

बिहार स्थित पूर्णिया लोकसभा सीट से सांसद पप्पू यादव ने राज्य की मौजूदा स्थिति के संदर्भ में बड़ा दावा किया है. उनके इस दावे के अनुसार बिहार में राष्ट्रपति शासन लगेगा. उन्होंने यह भी दावा किया है कि राष्ट्रपति शासन के बाद पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ जिलों को मिलाकर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाएगा.
सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू कर बिहार विधानसभा से प्रस्ताव पारित कराने की योजना बनाई जा रही है. इसके तहत सीमांचल के इलाकों के साथ मालदा, मुर्शिदाबाद, रायगंज और दिनाजपुर जैसे जिलों को मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी बताई जा रही है. यह भी आरोप लगाया गया है कि इसी योजना के तहत नीतीश कुमार को हटा कर लेफ्टिनेंट जनरल को राज्यपाल बनाने की रणनीति के पीछे यही खेल है.
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हालांकि भारत सरकार की ओर से ऐसी कोई सूचना नहीं है. दरअसल, यह दावे उस वक्त किए जाने शुरू हुए जब बीते हफ्ते गृहमंत्री अमित शाह, सीमांचल के तीन दिवसीय दौरे पर बिहार आए थे. तभी से राष्ट्रीय जनता दल और अन्य विपक्षी दल यह दावा कर रहे हैं.
उनके इस दौरे के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा उस दावे की हुई, जिसमें कहा गया कि बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों को मिलाकर नया राज्य बनाया जा सकता है. आरजेडी विधायक रणविजय साहू के इस बयान के बाद सियासी विवाद खड़ा हो गया. रणविजय साहू का कहना है कि बिहार के सीमांचल इलाके और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को अलग कर नया राज्य बनाने की योजना है और अमित शाह का बिहार दौरा भी इसी से जुड़ा हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा होता है तो ममता बनर्जी और आरजेडी का बड़ा वोट बैंक प्रभावित होगा.
Source: IOCL

























