मकर संक्रांति: 20000 KG तिलकुट, 36 लाख लीटर दूध बिकने का अनुमान, पटना में तैयारी जारी
Bihar News: बिहार में पिछले 10 सालों में देखा जाए तो मकर संक्रांति को लेकर लोगों में उत्साह ज्यादा बढ़ा है. पिछले 10 सालों में लगातार दूध, दही, तिलकुट और पनीर की बिक्री में इजाफा हुआ है.

बिहार में मकर संक्रांति से पहले दही-दूध की मांग बढ़ गई है. इसे देखते हुए पटना डेयरी प्रोजेक्ट में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. मकर संक्रांति में अब महज 5 दिन शेष रह गए हैं. बिहार में पिछले 10 सालों में देखा जाए तो मकर संक्रांति को लेकर लोगों में उत्साह ज्यादा बढ़ा है. स्नान-पूजा के साथ-साथ दही-चूड़ा खाने और खिलाने के लिए लोगों की तैयारी पहले से रहती है. राजनीतिक गलियारे में भी दही-चूड़ा भोज का प्रचलन ज्यादा बढ़ गया है. सभी राजनीतिक पार्टियां भोज का आयोजन करती हैं. ऐसे में दही और दूध की मांग काफी बढ़ जाती है.
डेयरी प्रोजेक्ट के डायरेक्टर ने दी यह जानकारी
सहकारी दूध उत्पादन की पटना डेयरी प्रोजेक्ट के डायरेक्टर रूपेश कुमार ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि पिछले साल 2025 की तुलना में 2026 में 20% के करीब अधिक बिक्री होने का अनुमान लग रहा है. इसी के तहत हम लोग तैयारी में जुटे हुए हैं. पटना डेयरी प्रोजेक्ट तीन जिलों- पटना, वैशाली और सारण में दूध-दही, तिलकुट, पनीर एवं अन्य सामग्री सप्लाई करती है. पिछले साल 2025 में साढ़े आठ लाख किलो दही यानी करीब 7 करोड़ की दही की बिक्री हुई थी.
इस बार दही की बिक्री बढ़ने का अनुमान
इस बार दही की बिक्री बढ़कर 11 लाख किलो होने की संभावना है, जिससे करीब साढ़े 9 करोड़ की बिक्री हो सकती है. पिछले साल साढ़े 33 लाख किलो दूध की बिक्री हुई थी, जिससे करीब 20 करोड़ का बिजनेस दूध से किया गया था. इस बार 35 से 36 लाख किलो दूध की बिक्री का अनुमान है, जिससे करीब 22 करोड़ के दूध का बिजनेस हो सकता है.
इतने किलो तिलकुट बिकने की उम्मीद
पिछली बार 16 हजार किलो तिलकुट बिके थे. इस बार 20 हजार किलो बिकने का लक्ष्य है. मकर संक्रांति में पनीर भी काफी मात्रा में बिकता है. पिछली बार साढ़े 28 हजार किलो पनीर की बिक्री हुई थी. इस बार 35 हजार किलो की बिक्री होने का अनुमान है. कुल मिलाकर इस बार करीब 40 करोड़ का व्यवसाय मकर संक्रांति में होने की संभावना बन रही है.
उन्होंने बताया कि पिछले 10 सालों में लगातार दूध, दही, तिलकुट और पनीर की बिक्री में इजाफा हुआ है. हर साल बिक्री में बढ़ोतरी होती रही है. इस बार भी 20% की बढ़ोतरी होने का अनुमान है और इस लक्ष्य के आधार पर हम लोग तैयारी में जुटे हैं.
इस दिन से शुरू हो जाती है तैयारी
डेयरी प्रोजेक्ट के डायरेक्टर ने बताया कि हम लोग 15 दिसंबर से इसकी तैयारी में लग जाते हैं. अब अंतिम प्रक्रिया में काम चल रहा है. उन्होंने बताया कि तिलकुट के निर्माण का काम पूरा हो गया है. दही और दूध के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है.
उन्होंने बताया कि राजनीतिक भोज से भी बिक्री पर असर पड़ा है. दही की मांग ज्यादा हो गई है. हालांकि, राजनीतिक दल सीधे पटना डेयरी प्रोजेक्ट से सामान नहीं लेते हैं. हम लोग किसी को भी सीधे दूध-दही या कोई भी सामान नहीं देते हैं. यह सामान हमारे डिस्ट्रीब्यूटर के द्वारा ही जाता है. जिस डिस्ट्रीब्यूटर की मांग अधिक होती है, उसी के हिसाब से हम अनुमान लगाते हैं कि कहां पर ज्यादा बिक्री हो रही है.
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