Lok Sabha Election: बिहार में सीट शेयरिंग पर कहां अटका NDA का इंजन, कैसे बदल गया पूरा गणित?
Lok Sabha Elections 2024: बिहार में एनडीए गठबंधन की छह पार्टियों में सीट शेयरिंग को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है. जेडीयू के दोबारा एनडीए में आने से बाकियों पार्टियों का सीट कम होना तय हो गया है.

Bihar News: बिहार में एनडीए (NDA) और इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) में सीट बंटवारे की तस्वीर अभी तक साफ नहीं हुई है. वहीं, पटना की रैली के बाद इंडिया गठबंधन ने एक बड़ा संदेश जरूर दिया. उधर, बिहार में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) की रैली के बाद सवालों के बादल घने हो गए क्योंकि पीएम मोदी की रैली से चिराग पासवान (Chirag Paswan) और उपेंद्र कुशवाहा गायब थे. बिहार में लोकसभा की 40 सीट हैं और NDA में 6 दल शामिल हैं.
इसमें बीजेपी और जेडीयू के अलावा चिराग पासवान, पशुपति पारस, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी की पार्टी है. मंथन इस बात का हो रहा है कि किसके हिस्से में कितनी सीट आएगी ? एक महीने पहले तक तो फॉर्मूला लगभग-लगभग निकल गया था लेकिन जैसे ही नीतीश कुमार वापस NDA में आए सीट बंटवारे का पेच फिर से उलझ गया.
पिछले लोकसभा चुनाव में बिहार की तस्वीर बिल्कुल साफ थी. BJP और JDU दोनों ने 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ा था. तब रामविलास पासवान भी हुआ करते थे.उनकी पार्टी को 6 सीट दी गई थी. तीनों ही पार्टियों ने बेहतर प्रदर्शन किया था. 40 में से 39 सीट जीत ली थी लेकिन अब हालात बदल गए हैं. नीतीश कुमार भी जानते हैं कि ये परेशानी बहुत बड़ी है. यही वजह रही कि औरंगाबाद के मंच से एक बड़ी बात कही. नीतीश कुमार ने कहा कि आपस में कोई भी विवाद नहीं रहना चाहिए.हर विवाद को मिलकर सुलझाना होगा.
WATCH | उपेंद्र कुशवाहा-चिराग... NDA से बाहर जाएंगे ?
— ABP News (@ABPNews) March 4, 2024
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चिराग से लेकर पशुपति पारस तक मांग रहे इतनी सीटें
NDA ने इस बार 400 से ज्यादा सीट जीतने का लक्ष्य रखा है. ये तभी संभव होगा जब बिहार में पिछली बार जैसा प्रदर्शन हो. पिछली बार BJP ने 17 सीट जीती थी. ऐसे में वो 17 सीटों से कम पर लड़ेगी ये मुश्किल लग रहा है. इसी तरह JDU ने 16 सीट जीती थीं. नीतीश भी इन्हीं 16 सीटों पर दोबारा लड़ना चाहते हैं. और ऐसे में बचती हैं सिर्फ 7 सीट. अब इन 7 सीटों को 4 पार्टियों में बांटना असंभव जैसा है. क्योंकि चिराग पासवान सीधे कह चुके हैं वो हाजीपुर के अलावा 4 और सीट चाहते हैं. चिराग का दावा है कि वोटर अभी भी उनके साथ खड़े हैं. इसी तरह उनके चाचा पशुपति पारस हैं जो 5 सीट पर अपने प्रत्याशी उतारना चाहते हैं. पशुपति पारस की दलील है कि LJP के जो सांसद टूटकर उनके साथ खड़े हुए थे.उन्हें दोबारा मैदान में उतारना है. उपेंद्र कुशवाहा का दावा भी 3 लोकसभा सीटों पर है. 2014 में जब वो बीजेपी के साथ गठबंधन में थे.तब भी 3 सीट पर ही चुनाव लड़ा था. इसमें काराकाट,जहानाबादऔर सीतामढ़ी है. हालांकि दिक्कत ये है कि इन तीनों सीट पर अभी JDU के सांसद हैं. और चौथे नेता हैं जीतन राम मांझी जिनके बेटे को पहले ही मंत्री बनाया जा चुका है और अब वो गया लोकसभा सीट मांग रहे हैं.
बीजेपी और जेडीयू अपनी जीती हुई सीटों पर कायम
बिहार बीजेपी के प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा कि सीट बंटवारे में कोई देरी नहीं हो रही है. महागठबंधन में भी तो सीटों का बंटवारा नहीं हुआ. 17 सीट पर पिछली बार हम लोग लड़े थे और 17 जीते थे. इतनी सीट तो हमारी ही हैं. जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि कितने सीटों पर जेडीयू लड़ेगी इसपर अभी मैं टिप्पणी नहीं कर पाऊंगा. आलाकमान बताएंगे. वैसे 16 सीट हम लोग 2019 में जीते थे. उतनी सीट हमारी तो है ही. वहीं, जीतन राम मांझी ने कहा कि जो सूची जारी हुई उसके पहले बीजेपी की बैठक हुई थी. दूसरी बैठक एनडीए की होगी जिसमें किसको कहां कितना सीट मिलेगी यह सब 13 मार्च के बाद बैठक में फाइनल होगा.
उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान पर पेंच
लेकिन असली परेशानी तो चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा को लेकर है. इस सवाल का जवाब अभी तक नहीं मिला कि औरंगाबाद में जब पीएम मोदी रैली करने पहुंचे थे तो उस मंच से ये दोनों नेता क्यों गायब थे. पीएम मोदी के मंच पर नीतीश कुमार थे. पशुपति पारस थे.जीतन राम मांझी थे लेकिन चिराग और उपेंद्र कुशवाहा नहीं थे. 2019 में जब लोकसभा चुनाव हुए थे उससे पहले तक उपेंद्र कुशवाहा NDA में ही थे लेकिन नीतीश कुमार से अनबन के चलते NDA से बाहर हो गए इसी तरह जब 2020 में बिहार विधानसभा चुनाव हुए.तो ज्यादा सीटों की मांग पर सहमति नहीं बनी.तो चिराग NDA से अलग हो गए और पूरे बिहार में अकेले होकर विधानसभा चुनाव लड़ा था. तो क्या इस बार भी नीतीश कुमार इसी तरह की स्क्रिप्ट तैयार कर रहे हैं ?
आरजेडी के दावे पर यह बोले केसी त्यागी
उधर, आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि इनको जिस काम के लिए रखा गया था भारतीय जनता पार्टी उनसे वह काम करवा रही थी. चूंकि अब टीम में मुख्य प्लेयर आ गया है तो कहीं ना कहीं इनको टीम से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है और ऐसी राजनीति करने वाले बेनकाब हो गए हैं. नीतीश कुमार जानते हैं कि अगर ये दल NDA में रहेंगे तो उनकी सीट कम होनी तय है.ऐसी स्थिति में JDU के मौजूदा सांसदों का टिकट भी कटेगाऔर वो सांसद बगावत कर सकते हैं. हालांकि JDU के बड़े नेता अभी भी ऑल इज वेल की बात कह रहे हैं. केसी त्यागी ने कहा कि एनडीए में सब कुछ ठीक है और रही बात टिकट बंटवारे को लेकर चल रही खबरें की तो वह भी सब जल्द हो जाएगा. चिराग पासवान हों या फिर उपेंद्र कुशवाहा सब एनडीए का हिस्सा रहेंगे.
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