Lalu Family: 'मुझे किसी पद की लालसा नहीं', बोलीं रोहिणी आचार्य- लोग मेरे खिलाफ...
Rohini Acharya: रोहिणी ने अपनी पोस्ट में कहा कि ट्रोल्स, बिकाऊ मीडिया और पार्टी पर कब्जा करने की मंशा रखने वाले लोग मेरे खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं. तमाम अफवाह निराधार हैं.

लालू परिवार में कलह की खबरों के बीच लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य इन दिनों सुर्खियों में हैं. पिछले दिनों उनके किए गए एक पोस्ट से ये चर्चा होने लगी थी कि रोहिणी आचार्य अपने परिवार से नाराज हैं. अब सोमवार को उन्होंने एक और पोस्ट की है, जिसमें ये साफ कहा कि मेरे खिलाफ अफवाहें फैलाईं जा रही हैं, मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है.
'लोग मेरे खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं'
रोहिणी ने अपनी पोस्ट में कहा कि ट्रोल्स, बिकाऊ मीडिया और पार्टी पर कब्जा करने की मंशा रखने वाले लोग मेरे खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं. तमाम अफवाह निराधार हैं और मेरी छवि को नुकसान पहुंचाने के मकसद से दुष्प्रचार किए जा रहे हैं. रोहिणी आचार्य ने स्पष्ट किया कि परिवार के किसी भी सदस्य से उनकी किसी भी प्रकार की प्रतिद्वंदिता है.
मेरे संदर्भ में ट्रोलर्स, उद्दंडों, पेड - मीडिया एवं पार्टी हड़पने की कुत्सित मंशा रखने वालों के द्वारा फैलाये जा रहे तमाम अफवाह निराधार और मेरी छवि को नुकसान पहुँचाने के मकसद से किए जा रहे दुष्प्रचार का हिस्सा हैं .. मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा न कभी रही थी , न है और ना ही…
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) September 21, 2025
उन्होंने पोस्ट मे लिखा, "मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा न कभी रही थी, न है और ना ही आगे रहेगी, न मुझे खुद विधानसभा का प्रत्याशी बनना है, ना ही किसी को विधानसभा का प्रत्याशी बनवाना है, न राज्यसभा की सदस्य्ता की मेरी कोई आकांक्षा है, न ही परिवार के किसी भी सदस्य से मेरी किसी भी प्रकार की प्रतिद्वंदिता है और ना ही पार्टी या भविष्य में बनने वाली किसी भी सरकार में किसी पद की कोई लालसा है."
परिवार के किसी भी सदस्य से नाराजगी नहीं
हालांकि उन्होंने अपने एक्स हैंडल से परिवार के सदस्यों अनफॉलो क्यों किया इस पर कुछ नहीं कहा है. अब सवाल ये है कि अगर रोहिणी आचार्य की परिवार के किसी भी सदस्य से कोई नाराजगी नहीं है तो फिर वो उनकी पोस्ट किस के लिए थी, जिसमें उन्होंने अपने आत्मसम्मान की बात कही थी. परिवार का कोई भी सदस्य इन तमाम मुद्दों पर कुछ नहीं बोल रहा. वहीं तेज प्रताप यादव ने बहन के फेवर में बयान जरूर दिया था. अब चुनावी साल में लालू यादव के परिवार में बढ़ रही इन मुश्किलों की असल वजह क्या है, ये तो जगजाहिर है और इसका समाधान भी परिवार के लोगों को ही मिल कर निकालना है.























