IRCTC होटल घोटाला मामला, लालू परिवार को 13 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश
IRCTC Hotel Scam: रॉउज एवन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को 13 अक्टूबर को पेश होने का आदेश दिया. इसी दिन आरोप तय होंगे.

रॉउज एवन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले में राजद सुप्रीमो और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तथा उनके बेटे तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों को 13 अक्टूबर को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि इसी दिन आरोप तय करने को लेकर फैसला सुनाया जाएगा.
यह मामला लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते हुए हुए उन फैसलों से जुड़ा है, जिनमें आईआरसीटीसी के दो बड़े होटलों- बीएनआर रांची और बीएनआर पुरी का संचालन और रखरखाव सुजाता होटल नामक निजी कंपनी को सौंपा गया था. आरोप है कि इस सौदे के बदले लालू परिवार को तीन एकड़ जमीन एक बेनामी कंपनी के माध्यम से दिलाई गई. सीबीआई का कहना है कि यह सौदा भ्रष्टाचार और साजिश दोनों का परिणाम था.
सीबीआई की क्या है दलील
कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर डीप सिंह ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं. उन्होंने दावा किया कि जांच में मिले दस्तावेज और गवाह यह साबित करते हैं कि जमीन के बदले होटल का ठेका देने का समझौता हुआ था.
लालू पक्ष ने रखा अपना जवाब
वहीं, लालू यादव की तरफ से पेश वकील ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं. उनका कहना था कि होटल ठेके की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी और किसी भी तरह की धांधली का सवाल नहीं उठता. वकील ने अदालत से आग्रह किया कि आरोप तय करने का कोई ठोस आधार नहीं है, इसलिए लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों को बरी किया जाना चाहिए.
13 अक्टूबर के फैसले पर नजर
अब सबकी निगाहें 13 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब अदालत यह फैसला सुनाएगी कि आरोपियों पर मुकदमा चलेगा या उन्हें राहत मिलेगी. यह फैसला न सिर्फ कानूनी दृष्टि से अहम है, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी गहरे हैं. चूंकि यह मामला लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार से जुड़ा है, इसलिए इसका असर सीधे तौर पर बिहार की राजनीति पर पड़ेगा.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मामला आगे बढ़ता है तो इसका असर महागठबंधन की राजनीतिक रणनीति पर पड़ सकता है. वहीं, यदि अदालत आरोप तय करने से इनकार करती है, तो लालू परिवार को बड़ी राहत मिलेगी और विपक्ष को इसे राजनीतिक हथियार के रूप में भुनाने का मौका मिलेगा.
इस तरह, आईआरसीटीसी होटल घोटाला केस का 13 अक्टूबर का दिन केवल अदालत के लिए नहीं बल्कि पूरे राजनीतिक परिदृश्य के लिए निर्णायक साबित हो सकता है.
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Source: IOCL






















