'वोट की खातिर जिन्ना...', वंदे मातरम् पर गिरिराज सिंह ने कांग्रेस को घेरा
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने वंदे मातरम् विवाद पर भी टिप्पणी की है.

देश की राजनीति में 'वंदे मातरम्' को लेकर जमकर विवाद देखने को मिल रहा है. इस पर पक्ष-विपक्ष की ओर से तमाम टिप्पणियां की जा रही हैं. अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है. इस विवाद पर उनका कहना है, "सोए हुए को जगाया जाता है, जगे हुए को नहीं जगाया जाता. 'वंदे मातरम्' 1937 में वोट की खातिर जिन्ना के दवाब में बदला गया."
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की विरासत के साथ देश का विकास करते हैं. उन्होंने कहा 'वंदे मातरम्' में दो छंद नहीं बल्कि छह के छह छंद होंगे. क्योंकि भारत की पहचान बिना सनातन के नहीं हो सकती." उन्होंने आगे बताया कि उसमें और है क्या? "इसमें भारत की अस्मिता, सनातन की अस्मिता है."
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गिरिराज सिंह का कांग्रेस पर तीखा हमला
कांग्रेस पर गिरिराज सिंह ने हमला बोलते हुए कहा है, "कांग्रेस की दिक्कत है कि वोट कहीं भटक न जाएं. उस वोट के सौदागर कई लोग हैं. उत्तर प्रदेश में चुनाव होने वाला है. दोनों में संबंध रहेगा या नहीं रहेगा. दोनों मुस्लिम वोट के लिए हैं. यही एक दिक्कत है. इसी को डायवर्ट करने के लिए 'वंदे मातरम्' का विरोध कांग्रेस को महंगा पड़ेगा."
राहुल गांधी पर क्या बोले राहुल गांधी?
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर हमला बोला है. कांग्रेस नेता द्वारा पैलेट गन मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है. इस पर गिरिराज सिंह ने कहा, "वंदे मातरम्' के मुद्दे को डायवर्ट करने के लिए राहुल गांधी ने नोटंकी की और कह रहे हैं कि मैंने तो देश के लिए की." उन्होंने कहा, "जब पहले से ही वहां सब कुछ हो रहा था."
महाराष्ट्र में रिक्शा चालकों के मराठी भाषा अनिवार्यता पर क्या कहा?
महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए सरकार ने मराठी भाषा में बात करना अनिवार्य कर दी गई है. इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "मैं इसका पक्षधर हूं. जो जिस राज्य में रहे वह वहां की भाषा सीखे. सरकार से भी कहूंगा समय बढ़ा दिया जाए."
उन्होंने आगे सरकार से मांग की है कि थोड़ा लंबा समय दो जो उनको यह कहने का मौका नहीं मिले कि हम नहीं सीख पाए, लेकिन यहां एक और गैर-मराठी भाषा समाज है वहां शायद किसी की नहीं चलती." बता दें कि केंद्रीय मंत्री एक उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नवी मुंबई पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है.
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