बिहार में डॉक्टर की लापरवाही से मौत के करीब पहुंची महिला! सर्जरी के दौरान पेट में ही छोड़ दिया टॉवल
Motihari News: मोतिहारी में ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने महिला के पेट में तोलिया छोड़ दिया. काफी इलाज के बाद भी अब वो बचने की स्थिति में नहीं है.

बिहार में प्राइवट और सरकारी डॉक्टरों का एक से एक कारनामा अक्सर सामने आता है. कई बार डॉक्टरों की लापरवाही मरीजों के लिए जानलेवा बन जाती है. मेतिहारी में ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की ऐसी ही एक लापरवाही ने एक महिला को मौत के करीब पहुंचा दिया है.
थाने में आवेदन देकर दर्ज कराई प्राथमिकी
दरअसल ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने महिला के पेट में तोलिया छोड़ दिया था. उस महिला का इलाज मुंबई तक जाकर कराया गया, लेकिन अब वो बचने की स्थिति में नहीं है. जिंदगी और मौत से जूझ रही है. आर्थिक तंगी के कारण पीड़ित परिजन उसे अब घर ले कर आ गए हैं और अब महिला के पति ने थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है.
इस मामले में मंगलवार को ढाका एसडीओ, एसडीपीओ और वरीय चिकित्सक की मौजूदगी में निजी अस्पताल की महिला डॉक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. परिजनों ने कहा कि अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च कर मुंबई तक में इलाज कराया, लेकिन वो नहीं बच पाएगी गहने, जमीन, कर्ज तक लेकर इलाज कराए. वहीं पूर्वी चंपारण सिविल सर्जन के निर्देश पर वरिष्ठ चिकित्सक से जांचोपरांत पाया गया कि निजी अस्पताल का रजिस्ट्रेशन भी नहीं था.
जानकारी के अनुसार जिले के ढाका थाना क्षेत्र के पीपरा वाजिद गांव निवासी अमरेश कुमार ने ढाका थाना में आवेदन देकर ढाका के चर्चित निजी अस्पताल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया था. इस मामले में ढाका के निजी अस्पताल के मुख्य चिकित्सक ने मोतिहारी न्यायालय से जमानत ले लिया है. वहीं मुख्य चिकित्सक की पत्नी डॉ बुशरा जफर को ढाका थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया है.
अमरेश कुमार की पत्नी उषा देवी को कई माह पूर्व प्रसव के लिए ढाका स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसका डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया, लेकिन ऑपरेशन करते समय पेट में तौलिया छोड़ कर स्टीच कर दिया गया, जिसके बाद महिला के पेट दर्द हुआ तो डॉक्टर ने कुछ दवाई देकर घर भेज दिया. फिर बार-बार पेट दर्द हुआ जिसके बाद फिर कई डॉक्टर से दिखाने के बाद मुंबई के एक अस्पताल में इलाज कराया गया.
मुंबई में ऑपरेशन करके पेट में छुटी तौलिया तो निकाल ली गई, लेकिन तब तक पूरे शरीर मे इंफेक्शन लग चुका था, इंफेक्शन थमने का नाम नही ले रहा है, महिला की स्थिति नाजुक बनी हुई है. दरअसल आयुर्वेद कॉलेज चकिया में अध्ययनरत छात्र कई वर्षो से अस्पताल खोलकर लोगों का ऑपरेशन करता था और भोले-भाले लोगों को ठगी के साथ सेहत से भी खिलवाड़ करता था. स्वास्थ्य महकमा भी इससे अंजान बना हुआ था.
बिना अनुज्ञप्ति के चल रहा था निजी हॉस्पिटल
पीड़ित परिजन के आवेदन पर मोतिहारी सिविल सर्जन के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच की गई. रिपोर्ट में में बिना अनुज्ञप्ति के निजी हॉस्पिटल चलने की बात सामने आई. अस्पताल में सक्षम डॉक्टर भी पदस्थापित नहीं थे. इन सभी तथ्यों को देखते हुए मोतिहारी पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर पुलिस ने छापेमारी करते हुए महिला चिकित्सक बुशरा जफर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
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Source: IOCL





















