सम्राट चौधरी पर कितने केस? कहां तक पढ़े? PK के आरोपों के बाद हलफनामा में क्या बताया? जानिए
Samrat Choudhary News: सम्राट चौधरी एक दशक से अधिक समय बाद विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. उनके हलफनामे से काफी जानकारियां निकलकर सामने आईं हैं.

बीजेपी के टिकट पर तारापुर निर्वाचन क्षेत्र से बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रहे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने हलफनामे में 10 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति घोषित की है लेकिन उनकी उम्र और शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद की गुंजाइश बनी हुई है. बीते गुरुवार (16 अक्टूबर, 2025) को उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल किया उससे काफी जानकारी सामने आई है.
उनके हलफनामे के अनुसार, उन पर दो आपराधिक मामले लंबित हैं. इनमें से एक मामला पटना में दर्ज है जिसमें उन पर 2023 में निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का आरोप है और दूसरा मामला उनके गृह जिले मुंगेर का है जिसमें उन पर पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया था.
एक दशक बाद लड़ रहे चुनाव
सम्राट चौधरी एक दशक से अधिक समय बाद विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. यह राज्य विधान परिषद में उनका लगातार दूसरा कार्यकाल है. उनके पास स्वयं के नाम पर 99.32 लाख रुपये की चल संपत्ति और 8.28 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है. 23 पृष्ठों के हलफनामे में उनकी आयु और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े अस्पष्ट विवरणों ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को जन्म दे दिया है.
सम्राट चौधरी की जन्मतिथि और शैक्षणिक योग्यता जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों के कारण हाल के दिनों में सुर्खियों में रही है. प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया था कि चौधरी ने तारापुर में सात लोगों की हत्या से संबंधित 1995 के एक मामले में एक फर्जी प्रमाण पत्र जमा करके मुकदमे से बचने की कोशिश की थी जिसमें घटना के समय उन्हें नाबालिग दिखाया गया था.
पीके के अनुसार, "यदि सम्राट चौधरी ने विधान परिषद के लिए दिए अपने 2020 के हलफनामे में अपनी उम्र 51 वर्ष बताई थी, तो 1995 में वह करीब 25-26 वर्ष के रहे होंगे. ऐसे में उन्हें 15 वर्ष का मानकर राहत कैसे दी गई?"
हलफनामे में सम्राट चौधरी की उम्र मतदाता सूची के अनुसार 56 वर्ष बताई गई है, लेकिन नेता द्वारा कोई स्कूल प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किया गया है. डी.लिट प्राप्त करने का उल्लेख किया गया है. पीके की ओर से लगाए गए आरोपों की लंबी फेहरिस्त में यह आरोप भी शामिल है कि चौधरी ने 10वीं तक पढ़ाई नहीं की है. उप-मुख्यमंत्री का कहना है कि उन्होंने कामराज विश्वविद्यालय से 'पीएफसी' की पढ़ाई की है.
हाल में सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें किशोर के आरोपों के बाद चौधरी पत्रकारों को यह समझाने में जूझते हुए देखे जा सकते हैं कि 'पीएफसी' का क्या मतलब है.
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