बिहार: नाबालिग की सुरक्षा पर सवाल, बक्सर में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, तीसरा फरार
Bihar News: बक्सर में नाबालिग किशोरी का अपहरण कर गैंगरेप मामले में मुख्य आरोपी सहित तीन नामजद है. पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस और विपक्ष ने न्याय का भरोसा दिलाया.

बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. पटना के बाद अब बक्सर जिले से सामने आई गैंगरेप की जघन्य घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. बीते 17 जनवरी को ट्यूशन पढ़ने जा रही एक नाबालिग किशोरी को नवानगर थाना क्षेत्र के दगौंली पुल के पास से अगवा कर लिया गया.
आरोप है कि अपहरण के बाद किशोरी को सोनबरसा थाना क्षेत्र के कणसर गांव के समीप एक झोपड़ी में ले जाया गया, जहां शनिवार की सुबह उसके साथ बारी-बारी से गैंगरेप किया गया.
प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर की नारेबाजी
घटना के सामने आने के बाद 18 जनवरी को पीड़ित परिवार के साथ पूर्व भाकपा माले विधायक अजीत कुशवाहा के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने आरा-मोहनिया मार्ग को घंटों जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. अजीत कुशवाहा ने आरोपियों को स्पीडी ट्रायल कर फांसी की सजा देने की मांग की और सरकार को घेरा. इस दौरान डुमरांव विधायक राहुल सिंह भी मौके पर पहुंचे और लोगों को आश्वासन दिया कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.
पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया है पूरा मामला- पुलिस अधीक्षक
जानकारी के अनुसार, सड़क जाम कर रहे लोग पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य की मौके पर मौजूदगी की मांग पर अड़े रहे. एसपी के पहुंचने और उचित कार्रवाई का भरोसा देने के बाद ही जाम हटाया गया. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. सजा का फैसला न्यायालय करेगा. इस मामले में तीन आरोपी नामजद हैं. मुख्य आरोपी उमाकांत दुबे को घटना के महज चार घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरा आरोपी मंगलवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर चुका है. तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है. मामला महिला थाने में दर्ज है.
परिवार को हर संभव मदद का दिलाया भरोसा
वहीं घटना को लेकर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बिहार राज्य के प्रधान महासचिव रणविजय साहू के साथ एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा. प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और हरसंभव मदद का भरोसा दिया. रणविजय साहू ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' केवल नारा बनकर रह गया है. पटना, खगड़िया, बक्सर समेत कई जिलों में लगातार हो रही घटनाएं सरकार की विफलता को उजागर करती हैं.
इधर पूर्व मंत्री और बसपा नेता ददन पहलवान ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की और पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा जताया.
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Source: IOCL


























