बिहार टेंडर घोटाले में 4 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल, IAS संजीव हंस समेत कई बड़े नामचीन फरार
Bihar Tender Scam: जांच में पता चला कि यह अधिकारी कमीशन से मैनेज किए जाते थे. सभी आरोपियों की भूमिका से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों का गहन परीक्षण करने के बाद आरोप पत्र तैयार किया गया है.

बिहार टेंडर घोटाले में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने 4000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. इसमें चर्चित ठेकेदार रिशु श्री, आईएएस संजीव हंस, वित्त विभाग के संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी, भवन निर्माण विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर तारिणी दास, बुडको के कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह समेत सात आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है.
जांच में पता चला कि यह अधिकारी कमीशन से मैनेज किए जाते थे. सभी आरोपियों की भूमिका से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों का गहन परीक्षण करने के बाद आरोप पत्र तैयार किया गया है. आरोप पत्र में जांच से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन का विवरण, गवाहों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को शामिल किया गया है.
टेंडर घोटाले में मुख्य मोहरा था ठेकेदार
इस पूरे घोटाले का मुख्य मोहरा चर्चित ठेकेदार रिशु श्री था. रिशु श्री का काम करने का तरीका यह था कि वह निविदाओं में दलाली करता था और अपनी पसंदीदा कंपनियों को आगे बढ़ाकर उन्हें टेंडर दिलवाने में मदद करता था. इसके एवज में वह उन कंपनियों से 7 से 10 फीसदी तक का मोटा कमीशन वसूलता था.
वसूली गई इस रकम का एक बड़ा हिस्सा सरकारी अधिकारियों को मैनेज करने के लिए कमीशन के तौर पर दिया जाता था. इस अवैध लेनदेन के कई डिजिटल सबूत आरोपियों के मोबाइल और कागजातों से बरामद हुए हैं. आरोपियों में शामिल आईएएस संजीव हंस और पवन कुमार फिलहाल कानून की गिरफ्त से दूर और फरार चल रहे हैं.
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
टेंडर घोटाले में शामिल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. इस मामले में आईएएस अधिकारी अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर भी जांच के दायरे में हैं. रिशु श्री ने इन दोनों आईएएस अधिकारियों को विदेश यात्रा पर भेजा था. SVU के एडीजी पंकज दराद ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी है.
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