बिहार: गन्ना किसानों के लिए उम्मीद! मंत्री संजय पासवान बोले, 'बंद चीनी मिलें फिर खुलेंगी'
Bihar Sugarcane Industry: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में संजय पासवान ने गन्ना उद्योग मंत्री का पदभार संभाला. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री कुमार को धन्यवाद दिया.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद मंत्रियों द्वारा पदभार ग्रहण करने का सिलसिला जारी है. इसी क्रम में, शनिवार (22 नवंबर) को चिराग पासवान की पार्टी के संजय पासवान ने गन्ना उद्योग विभाग के मंत्री के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया. पदभार संभालने के बाद उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया और अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं. पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री संजय पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया.
उन्होंने कहा कि उन्हें इस योग्य समझने और गन्ना उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी देने के लिए वह सीएम नीतीश कुमार के आभारी हैं. पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार और बिहार सरकार ने गन्ना उद्योग के लिए जो सपने देखे हैं, उन्हें अब आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उनकी है.
'बंद चीनी मिलों को चालू कराना प्राथमिकता'
संजय पासवान ने अपनी कार्ययोजना बताते हुए कहा कि वह अधिकारियों के साथ बैठकर अब तक गन्ना उद्योग में किए गए कार्यों की समीक्षा करेंगे और इसे आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश करेंगे. उन्होंने विशेष रूप से गन्ना उद्योग से जुड़े बंद पड़े कारखानों (फैक्टरीज) और ब्रेक कारखानों (शायद 'बंद पड़ी मिलों' का तात्पर्य है) को फिर से चालू करवाने की योजनाओं पर काम करने का संकल्प जताया.
रीगा चीनी मिल पर विशेष ध्यान- मंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रीगा चीनी मिल की चीनी से बनी चाय पीने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह संकेत देता है कि केंद्र और राज्य सरकारें बंद पड़ी फैक्ट्रियों को चालू करवाने के लिए गंभीर हैं.
मंत्री संजय पासवान, गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार ने कहा, "निश्चित तौर पर केंद्र की सरकार और बिहार की सरकार बंद पड़ी फैक्ट्रियों को चालू करवाने की पहल कर रही है. पदभार अब ग्रहण किया है, बंद पड़ी फैक्ट्रियों को कैसे चालू किया जाए, इस दिशा में मैं भी अधिकारियों से चर्चा करूंगा और बिहार को कैसे आगे बढ़ाया जाए इस पर काम करूंगा." नवनियुक्त मंत्री का कहना है कि उनकी मुख्य कोशिश रहेगी कि बिहार के गन्ना उद्योग को नई गति मिले, जिससे किसानों और राज्य दोनों को लाभ हो सके.























