Bihar Politics: 'जब तक नीतीश जिंदा हैं...', अशोक चौधरी ने बता दिया NDA में किसकी चलेगी, लालू यादव पर क्या कहा?
Ashok Chaudhary: अशोक चौधरी ने कहा कि अगर भारत दुनिया की नजरों में आगे बढ़ रहा है, तो बिहार सबसे तेज गति में विकास के मानक को गढ़ रहा है. उन्होंने लालू-राबड़ी राज का भी जिक्र किया.

Ashok Chaudhary On RJD Chief Lalu Yadav: औरंगाबाद में रविवार को जिलास्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे मंत्री अशोक चौधरी (Ashok Chaudhary) ने लालू यादव पर जमकर प्रहार किया. उन्होंने पत्रकारों के गए एक सवाल के जवाब पर कहा कि बेशक लालू यादव ने लंबे समय तक बिहार की राजनीति को दिशा देने का काम किया, लेकिन 15 साल के कार्यकाल में उनके पास बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए कोई परिकल्पना नहीं थी.
'लालू यादव ने सिर्फ चरवाहा विद्यालय बनवाया'
अशोक चौधरी ने आगे कहा कि उन्होंने इस प्रदेश में सिर्फ चरवाहा विद्यालय बनाने का काम किया, जो बड़ी आबादी पिछड़ों की है, दलितों की है या आर्थिक रूप से जो विपन्न लोग थे, उनको इन्होंने भैंस पर चरवाहा विद्यालय भेजने का काम किया. यानी कि 21वीं सदी में विकसित राज्य बनाने की कोई सोच ही नहीं थी. उन्होंने 2025 के चुनाव पर चर्चा करते हुए कहा कि जब तक नीतीश कुमार जिंदा हैं, तब तक वे बिहार में बड़े भाई की ही भूमिका में रहेंगे.
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर उन्होंने कहा कि आज जब झारखंड में उनकी सरकार बनती है तो वे ये नहीं कहते कि ईवीएम से बैलेट में जाना चाहिए. बिहार में जब वे उपचुनाव जीतते है तब ये नहीं कहते हैं कि ईवीएम से बैलेट में जाना चाहिए, क्योंकि अब उनके पास कोई मुद्दा नहींं रह गया है तो एक नया राग अलाप रहे हैं कि ईवीएम से बैलेट में जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी बैलेट से चुनाव को रिजेक्ट कर दिया है और ईवीएम को पूरी तरह से सेफ माना है.
बिहार में बढ़ते आपराधिक घटना को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ आपराधिक घटनाएं खासकर व्यापारी या ज्वेलरी व्यवसायी के साथ घटी है. लेकिन इससे जुड़े कुख्यात अपराधियों पर कार्रवाई भी हुई है और कुछ बड़ी सफलता भी मिली है. उन्होंने कहा इन सभी मामलों में हमें 10-15 दिन और इंतजार करना चाहिए. सरकार और नेता नीतीश कुमार की प्राथमिकता है, लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को व्यवस्थित रखना.
बिहार के विकास के संदर्भ में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यदि देश दुनिया की नजरों में आगे बढ़ रहा है तो बिहार सबसे तेज गति में विकास के मानक को गढ़ रहा है. राज्य के विकास का ग्रोथ रेट 11 प्रतिशत है और इस विकास की गति में उद्यमियों एवं बिहार के व्यवसायियों का अहम योगदान है. ऐसी स्थिति में बिहार के व्यवसायियों और सिविल सोसाइटी के लोगों को अपराधियों से सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता है और हम इस पर काम भी कर रहे हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि अपराध का ग्राफ बिहार में कभी-कभी बढ़ता है, लेकिन इसके बावजूद हमारी वैदिक स्थिति सही है.
वहीं प्रशांत किशोर के जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित यात्रा पर खड़े किए गए सवाल का जवाब देते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि प्रशांत किशोर कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं बल्कि राजनीतिक व्यापारी हैं. वे राजनीतिक पार्टियों के लिए व्यापार करते हैं. ऐसे में उन्हें यह सपना आया कि व्यापारी की जगह क्यों नेता ही बन जाए और उन्होंने एक पार्टी बना ली, लेकिन हाल में संपन्न हुए उपचुनाव में जनता ने उन्हें उनकी औकात बता दी.
उन्होंने मुख्यमंत्री की चर्चा करते हुए कहा कि जब उन्होंने सत्ता संभाली थी, तब बिहार का बजट 24 हजार करोड़ था, लेकिन 18 साल के शासन में अब बिहार का बजट 2,80,000 करोड़ का हो गया है. लालू राबड़ी के शासन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रदेश में 118 नरसंहार हुए थे. मगध और शाहाबाद का पूरा इलाका लहूलुहान था. धार्मिक और जातीय उन्माद चरम पर था, लेकिन नीतीश कुमार ने उसे वैसी स्थिति से उबारा और सबसे तेज गति से चलने वाला बिहार बनाया.
शराबबंदी फेल के सवाल पर भड़क गए चौधरी
बिहार में शराबबंदी के फेल होने के सवाल पर चौधरी भड़क गए और कहा कि सिर्फ शराबबंदी नीति पर ही बात क्यों होती है. डॉवरी ऐक्ट, एससी-एसटी एक्सटोरसीटी ऐक्ट और आर्म्स एक्ट पर ही बात क्यों नहीं करते हैं. भारत सरकार ने ये सब भी बनाया है, लेकिन उदंड और दुष्ट प्रवृति के जो लोग हैं और जो संविधान पर विश्वास नहीं करते हैं वे हर जगह हैं. आज भी एससी-एसटी एक्सटोरसीटी, दलित महिलाओं का रेप पूरे देश में सबसे ज्यादा है, जो लोग नहीं मानते संविधान को उनकी अपनी स्थिति है. लेकिन मुख्यमंत्री ने इसको लेकर एक प्रयास किया है.
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