Bihar Election: चुनावी सभा में मायावती ने पूछा- अब दोनों गठबंधनों को देंगे कितना मौका ?
मायावती ने कहा कि बिहार में किसी भी पार्टी की सरकार रही हो उन्होंने बिहार के दलित, शोषित, मजदूरों के विकास पर ध्यान नहीं दिया. बिहार में दलितों, गरीबों को सीटों के आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है.

कैमूर: चुनावी सरगर्मी के बीच शुक्रवार को भभुआ हवाई अड्डा में बसपा सुप्रीमो मायावती और रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा की संयुक्त सभा की. इस दौरान जनसभा संबोधित करते हुए मायावती ने कहा बिहार से बड़े शहरों में लोग तब भी पलायन करते थे और आज भी पलायन कर रहे हैं. कोरोना महामारी में देखने को मिला कि लोगों को कितनी तकलीफ है. पिछली 15 सरकार और अबकी 15 साल की सरकार रोजगार उपलब्ध नहीं करा पाई.
मायावती ने कहा, " बिहार में किसी भी पार्टी की सरकार रही हो उन्होंने बिहार के दलित, शोषित, मजदूरों के विकास पर ध्यान नहीं दिया. बिहार में दलितों, गरीबों को सीटों के आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है, जिसको आरक्षण का लाभ मिला भी है उनके आरक्षण को लोग धीरे-धीरे खत्म कर रहे हैं. सरकार के गलत नीति के कारण बेरोजगारी और महंगाई लगातार बढ़ते जा रहा है."
मायावती ने कहा, " जो लोग कोरोना के कारण बाहर से बिहार आ रहे थे, उनको नीतीश सरकार रोजगार मुहैया नहीं करा पाई. ऐसे में लाचार होकर वे लोग फिर पलायन कर रहे हैं. आप लोगों ने दोनों गठबंधनो को 15-15 साल का मौका दिया, अब कितना मौका देंगे? एक बार मुझे भी मौका दीजिए. अगर मेरे गठबंधन की सरकार बनती है तो उपेंद्र कुशवाहा को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा और यूपी के तर्ज पर विकास होगा.
वहीं, रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, " हमारी सरकार बनती है तो रोजगार, शिक्षा और दवा की व्यवस्था सुनिश्चित होगी. बीजेपी ने यूपी में चुनाव के समय पिछड़ा अति पिछड़ा को राज्य का प्रभारी बना कर अगड़ा और पिछड़ा का वोट हासिल किया और जीत होने पर भगवाधारी को यूपी का मुख्यमंत्री बना दिया. बीजेपी का नीतीश कुमार के साथ कैसा रवैया है सब देख रहे हैं. इसलिए मैंने बहन जी के साथ गठबंधन किया."






















