बिहार: चिराग पासवान ने MY को दी नई पहचान, बोले- 'अब केवल होगी 14 करोड़ बिहारियों की बात'
Bihar Election 2025: चिराग पासवान ने कहा कि उनकी राजनीति जाति पर नहीं है, बल्कि महिला और युवा केंद्रित है. प्रशांत किशोर के आरोपों पर उन्होंने जांच की मांग की और जनता- विकास को सर्वोपरि बताया.

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उनके लिए राजनीति का आधार जाति नहीं बल्कि 'बिहारी' पहचान है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका दल जातिगत समीकरणों से ऊपर उठकर महिला और युवा को प्राथमिकता देने वाली राजनीति में विश्वास करता है.
चिराग पासवान ने कहा कि विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव लगातार जातिगत समीकरणों की बात करते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव के दिमाग में ईबीसी, ओबीसी, दलित और अन्य जातियां हो सकती हैं, लेकिन हमारे लिए बिहार की जनता सिर्फ बिहारी है. उन्होंने यह भी कहा कि जो नेता 'MY' (मुस्लिम-यादव) का तमगा गर्व से पहनते हैं, वे हमेशा जाति आधारित राजनीति करते रहेंगे.
VIDEO | Patna: Union Minister and LJP (Ram Vilas) leader Chirag Paswan says, "EBC, OBC, Dalits and other castes may be in the mind of the assembly LoP (Tejashwi Yadav), but not us. I think of the people of Bihar as Biharis. Those who wear the medal of 'MY' with pride will… pic.twitter.com/K8yq93ynE7
— Press Trust of India (@PTI_News) September 30, 2025
हमारा MY मतलब महिला और युवा- चिराग पासवान
चिराग ने कहा कि उनकी पार्टी भी 'MY' समीकरण को मानती है, लेकिन उनके लिए इसका अर्थ है 'महिला और युवा'. उन्होंने इसे पार्टी की नई सोच और नई पहचान बताया. उनके अनुसार, बिहार की राजनीति में अब समय आ गया है कि महिलाओं और युवाओं की ताकत को केंद्र में रखा जाए, क्योंकि यही वर्ग आने वाले बिहार को नई दिशा देगा.
नई राजनीतिक दिशा की ओर संकेत
चिराग पासवान का यह बयान न सिर्फ एनडीए की आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि वे जाति की बजाय विकास, युवा और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों को सामने रखकर चुनावी मैदान में उतरना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जनता जातिगत खेमेबाजी से थक चुकी है और अब बदलाव चाहती है.
चिराग ने जनता की भलाई को बताया सर्वोपरि
चिराग पासवान ने यह साफ किया कि उनकी राजनीति का मकसद बिहार के हर नागरिक को समान रूप से राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल करना है. उन्होंने कहा कि जनता की समस्याएं, विकास और युवाओं के लिए रोजगार उनके एजेंडे के प्रमुख बिंदु रहेंगे. चिराग का यह बयान बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी जातिगत राजनीति से दूर रहकर नई दिशा में कदम बढ़ाएगी.
Source: IOCL





















