नीतीश कुमार की शराबबंदी पर CM सम्राट चौधरी की दो टूक, 'पुलिस और प्रशासन के जो लोग…'
Bihar CM Samrat Choudhary: सीएम सम्राट ने अधिकारियों से कहा कि शराबबंदी के सफल क्रियान्वयन को लेकर बेहतर ढंग से कार्य करें. शराब बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया.

बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Bihar CM Samrat Choudhary) ऐक्शन मोड में हैं. गुरुवार (30 अप्रैल, 2026) को उन्होंने अधिवेशन भवन में राज्य के सभी जिलों के जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक की. बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति, विधि-व्यवस्था की स्थिति तथा जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई. इस दौरान शराबंबदी पर भी चर्चा हुई.
सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून को लागू किया था. सीएम ने अधिकारियों से कहा कि शराबबंदी के सफल क्रियान्वयन को लेकर बेहतर ढंग से कार्य करें. शराब बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें. जो कारोबार अवैध है उसे पूरी तरह ध्वस्त करें. नारकोटिक्स के खिलाफ सघन अभियान चलाने का भी निर्देश दिया. कहा कि शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में पुलिस और प्रशासन के जो लोग संरक्षण प्रदान कर रहे हैं उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई करें.
'अधिकारी-पुलिस जनता के सहयोगी की भूमिका में रहें'
उन्होंने आगे कहा कि हमलोग पंचायत स्तर पर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर लगाएंगे. इसमें समस्याओं से संबंधित जो भी आवेदन आएगा संबंधित अधिकारी को निश्चित तौर पर 30 दिन के अंदर उस आवेदन पर निर्णय देना होगा. सख्त निर्देश दिया कि अधिकारी और पुलिस जनता के सहयोगी की भूमिका में रहें.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लॉक, अंचल एवं थाना का मुख्यमंत्री कार्यालय प्रतिदिन रियल मॉनीटरिंग करेगा और कार्यों की समीक्षा की जाएगी. ब्लॉक, अंचल एवं थानों में सीसीटीवी अवश्य लगाएं ताकि वहां की गतिविधियों और अवांछित लोगों पर नजर रखी जा सके.
पांच साल में एक करोड़ नौकरी-रोजगार का लक्ष्य
सम्राट चौधीर ने कहा कि हमलोगों ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है. हम सब ठीक से काम करें तो 5 करोड़ तक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं.
दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के पदाधिकारियों/कर्मचारियों को बिहार दर्शन के लिए दो दिन की छुट्टी दी जाएगी. इस दौरान वे बिहार के गौरवशाली अतीत, इतिहास और यहां की विरासत को ठीक ढंग से जानेंगे. सुझाव दिया कि सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में कम-से-कम 50 डेस्टिनेशन स्पॉट को चिह्नित कर उसे और विकसित करें.
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