बिहार: खतरे में विधायकों के PA-PS की नौकरी? CM सम्राट का बड़ा फरमान
Bihar CM Samrat Choudhary: सम्राट चौधरी ने कहा कि एआई और डिजिटल तकनीक से बिहार के विधायकों एवं विधान पार्षदों का क्षमता वर्द्धन होगा. पढ़िए उन्होंने और क्या कुछ कहा है.

बिहार में विधायकों के पीए और पीएस की नौकरी खतरे में है. सीएम सम्राट चौधरी ने गुरुवार (06 अगस्त, 2026) को कहा कि यदि विधायक का पीए या पीएस उनसे (विधायक) ज्यादा कंप्यूटर नहीं जानता है तो उसको हटा दें.
सम्राट चौधरी ने कहा, "विधायक जी से ज्यादा तो जानना पड़ेगा न… कम जानने वाले को नहीं रखना है. क्योंकि हम सहयोगी हैं और उनको (पीए-पीएस) तो ज्यादा जानना चाहिए."
मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारे जो सहयोगी हैं उनकी पूरी संरचना होनी चाहिए. ट्रेनिंग कराएं. प्रत्येक दो-दो महीने पर एक क्लास हों… हमारे फेसबुक और इंस्टाग्राम कैसे चल रहा है, जनता से कैसा कनेक्शन है, जनता से क्या संवाद हो रहा है…"
सम्राट चौधरी आज (गुरुवार) बिहार विधान मंडल सदस्यों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के संवेदीकरण एवं मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के कार्यान्वयन के संबंध में आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत परियोजना निगरानी प्रणाली (Project Monitoring System) वेब पोर्टल का शुभारंभ किया.
एआई और डिजिटल तकनीक पर क्या कुछ कहा?
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है. एआई और डिजिटल तकनीक से बिहार के विधायकों एवं विधान पार्षदों का क्षमता वर्द्धन होगा. उन्होंने कहा कि 20-25 वर्ष पूर्व कंप्यूटर की उपयोगिता सीमित थी, लेकिन आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक शासन, प्रशासन तथा विकास की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है.
उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के एस्टीमेट तैयार करने में भी AI का उपयोग किया जाना चाहिए. भवन निर्माण विभाग के एक एस्टीमेट की कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जांच करने पर 5 से 7 प्रतिशत तक लागत में बचत हुई. उन्होंने कहा कि बचाई गई राशि का उपयोग अन्य विकास कार्यों में किया जा सकता है. आज के डिजिटल युग में यदि हम AI का उपयोग नहीं करेंगे तो विकास की दौड़ में पीछे रह जाएंगे.
राशन कार्ड बनाने में भी एआई का इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सहयोग कार्यक्रम के संचालन तथा 1 करोड़ पात्र लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में राज्य सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर रही है. बिहार में किसानों का डिजिटल सर्वे कराया जा रहा है तथा 60 लाख किसानों को डिजिटल आईडी से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
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सीएम ने कहा कि विद्यालयों में कंप्यूटर की शिक्षा दी जा रही है, लेकिन डिजिटल युग की आवश्यकताओं को देखते हुए इसे और सुदृढ़ किया जाना चाहिए. मुजफ्फरपुर में आर्टिफीशियल इंटिलिजेंस और कम्प्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मंत्रियों, विधायकों एवं विधान पार्षदों के साथ-साथ उनके सहयोगियों को भी समय-समय पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कंप्यूटर एवं सोशल मीडिया के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे तकनीक के साथ निरंतर अपडेट रह सकें और जनता की बेहतर सेवा कर सकें.
उन्होंने कहा कि बिहार के सभी पंचायतों में मौसम केंद्र संचालित हैं तथा मौसम पूर्वानुमान 70 से 80 प्रतिशत तक सटीक सिद्ध हो रहा है. यह तकनीक कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी है. उन्होंने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है और आधुनिक तकनीक के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है.
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