620 करोड़ का चंदा विवादः अनामिका बोलीं- 'मुझे फंसाया जा रहा'
620 करोड़ के चंदे के विवाद में बीजेपी नेता अनामिका पासवान ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि 2022 में पार्टी छोड़ दी थी और चंदे से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने जांच और कानूनी कार्रवाई की बात कही है.

आम जनमत पार्टी को वित्तीय वर्ष 2023-24 में कथित तौर पर 620 करोड़ रुपये का चंदा मिलने के विवाद के बीच बिहार बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष अनामिका पासवान ने सफाई दी है. उन्होंने पूरे मामले से खुद को अलग बताते हुए कहा कि उन्हें बेवजह बदनाम किया जा रहा है. अनामिका के मुताबिक, उन्होंने 2022 में पार्टी छोड़ दी थी और पार्टी को खत्म करने के लिए वकील को दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करके दिए थे.
अनामिका के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 2020 में आम जनमत पार्टी बनाई थी और खुद इसकी राष्ट्रीय अध्यक्ष थीं. हालांकि 2022 में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि जब पार्टी बिहार में काम कर रही थी, तब उन्होंने बैंक अकाउंट तक नहीं खोला था. इसी दौरान चुनाव और फिर कोविड का दौर आ गया.
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'पार्टी ट्रांसफर नहीं, भंग करने के लिए कहा था'
अनामिका ने एक ट्रांसफर पेपर दिखाते हुए दावा किया कि यह दस्तावेज 26 जुलाई 2022 को गौरव मिश्रा से संबंधित है. उन्होंने कहा कि कागज में उन्हें 'पूर्व अध्यक्ष' बताया गया है, न कि अध्यक्ष. अनामिका के अनुसार, उन्होंने वकील से पार्टी को भंग करने के लिए कहा था, न कि किसी को ट्रांसफर करने के लिए.
'सादे कागज पर साइन का इस्तेमाल हुआ'
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि पार्टी से जुड़े दस्तावेजों के दौरान उन्होंने सादे कागज पर हस्ताक्षर करके वकीलों को दिए थे. उनका दावा है कि बाद में उसी हस्ताक्षर का बार-बार इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में सीए और वकीलों के जरिए कागजी प्रक्रिया में क्या-क्या होता है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी. अनामिका ने यह भी कहा कि पार्टी के पदाधिकारी दलित और मध्यमवर्गीय समुदाय से थे.
कानूनी कार्रवाई की तैयारी, जांच की मांग
अनामिका पासवान ने कहा कि चुनाव, पार्टी की वेबसाइट और इनकम टैक्स से जुड़े मौजूदा मामलों में उनकी कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने चंदे से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया और कहा कि उन्हें बदनाम किया जा रहा है. उन्होंने मामले में कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है. साथ ही सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग भी की है.
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