'बिहार टॉप-10 में क्यों नहीं?', तेजस्वी का डबल इंजन सरकार पर हमला
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने फैक्ट्रियों की संख्या के आधार पर टॉप-10 राज्यों की सूची शेयर की है. इसमें बिहार नहीं है. इसको लेकर मोदी-नीतीश सरकार को उन्होंने घेरा है.

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बिहार में उद्योग और फैक्ट्रियों की स्थिति को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की एनडीए सरकार पर निशाना साधा है. तेजस्वी ने मंगलवार (8 सितंबर 2026) को सोशल मीडिया पर एक पोस्टर शेयर करते हुए सवाल उठाया कि वर्षों से डबल इंजन सरकार होने के बावजूद बिहार औद्योगिक विकास के मामले में पीछे क्यों है.
तेजस्वी की ओर से शेयर किए गए पोस्टर में वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (ASI) के आंकड़ों के आधार पर भारत के उन 10 राज्यों की सूची दिखाई गई है, जहां सबसे ज्यादा फैक्ट्रियां हैं. सूची में तमिलनाडु पहले स्थान पर है, जबकि हरियाणा 10वें स्थान पर है. पोस्टर में बिहार का नाम टॉप-10 में शामिल नहीं है.
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तेजस्वी ने पूछा- बिहार कहां है?
पोस्टर के साथ तेजस्वी यादव ने लिखा, "बिहार में 21 वर्षों से नीतीश-बीजेपी की NDA सरकार है. 12 सालों से केंद्र में मोदी की तथाकथित डबल इंजन सरकार है फिर भी बिहार में उद्योग और फैक्ट्री नहीं है. क्यों क्यों क्यों?" उन्होंने आगे पूछा कि ASI के आंकड़ों के अनुसार भारत के शीर्ष 10 राज्यों की सूची में बिहार कहां है?
युवाओं के पलायन का मुद्दा उठाया
तेजस्वी के पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं. एक यूजर ने लिखा कि बिहार के युवा आज भी डिग्रियां लेकर फैक्ट्रियों और रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं. यूजर ने कहा कि वर्षों की डबल इंजन सरकार के बाद भी बिहार का टॉप-10 सूची से बाहर होना युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है.
बिहार में 21 वर्षों से नीतीश-बीजेपी की NDA सरकार है। 12 सालों से केंद्र में मोदी की तथाकथित डबल इंजन सरकार है फिर भी बिहार में उद्योग और फैक्ट्री नहीं है। क्यों क्यों क्यों?
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) September 8, 2026
इस सूची में बिहार कहाँ है, ढूंढिए? pic.twitter.com/49WgsKtoh3
लालू सरकार के काम पर भी सवाल
हालांकि पोस्ट पर कुछ यूजर्स ने तेजस्वी से लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में बिहार में उद्योग और रोजगार के लिए किए गए कामों को लेकर भी सवाल पूछे. यानी सोशल मीडिया पर यह मुद्दा सिर्फ मौजूदा एनडीए सरकार के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिहार में लंबे समय से चली आ रही औद्योगिक पिछड़ेपन की राजनीति पर भी बहस शुरू हो गई है.
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