एक्सप्लोरर

JDU के चाणक्य जिन पर नीतीश कुमार को है सबसे ज्यादा भरोसा, जानें- कौन हैं RCP सिंह?

सीएम नीतीश कुमार ने स्वयं राष्ट्रीय कार्यकारिणी में संगठन महासचिव रहे रामचंद्र प्रसाद सिंह को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव दिया, जिसे सर्वसम्मति से मान लिया गया है और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह को मनोनित कर दिया गया है.

पटना : देश के वर्तमान राजनीतिक हालात पर जदयू का आज (रविवार) मंथन चल रही है. इस मंथन से पहले पार्टी में एक बड़ा निर्णय लिया गया है. अरुणाचल प्रदेश में हुई टूट के बाद जेडीयू में यह बड़ा फैसला लिया गया है. सीएम नीतीश कुमार ने स्वयं राष्ट्रीय कार्यकारिणी में संगठन महासचिव रहे रामचंद्र प्रसाद सिंह को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव दिया, जिसे सर्वसम्मति से मान लिया गया है और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह को मनोनित कर दिया गया है. नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले आरसीपी सिंह वर्तमान में राज्यसभा संसदीय दल के नेता भी हैं.उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अफसर रह चुके हैं आरसीपी सिंह.

बताते चलें कि बिहार चुनाव में राज्‍यसभा सांसद एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता आरसीपी सिंह ने टिकट बंटवारे से लेकर बूथ मैनेजमेंट जैसी अहम जिम्मेदारी निभाई थी. आरसीपी सिंह के पास बतौर नौकरशाह लंबा प्रशासनिक अनुभव रहा है और उन्‍हें जदयू का जमीनी नेता माना जाता है.

कौन हैं आरसीपी सिंह

मुख्यमंत्री के गृह जिला नालंदा के मुस्तफापुर में 6 जुलाई 1958 को जन्में आरसीपी सिंह स्वर्गीय श्री सुखदेव नारायण सिंह ऐर स्वर्गीय श्रीमती दुख लालो देवी के पुत्र है. आरसीपी सिंह मुस्तफापुर टोला, अस्थावां, जिला नालंदा के स्थाई निवासी है. इनकी शादी 21 मई 1982 को श्रीमती गिरिजा सिंह से हुई थी. इनकी दो बेटियां हैं. आरसीपी सिंह की शुरुआती शिक्षा हाइस्कूल, हुसैनपुर, नालंदा और पटना साइंस कॉलेज से हुई है. बाद में जेएनयू में पढ़ने के लिए गये.

इनके जानने वाले बताते हैं कि राजनीति में शामिल होने से पहले आरसीपी सिंह कृषक थे. सिविल सेवा में आने के बाद वह 1986-88 उप-विभागीय अधिकारी / मजिस्ट्रेट, खलीलाबाद, उत्तर प्रदेश रहे. 1988-90 मुख्य विकास अधिकारी, कानपुर, उत्तर प्रदेश रहे. 1990-92 तक संयुक्त सचिव, नियुक्ति विभाग, लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार में रहे. उसके बाद 1993- 97 तक कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट रामपुर, बाराबंकी, हमीरपुर और फतेहपुर रहे.

आरसीपी सिंह जुलाई 1997-मार्च 1998 संचार मंत्री के निजी सचिव भी रहे. मार्च 1998-मई 2004 भूतल परिवहन मंत्री के निजी सचिव रहे. उसके बाद रेलवे मंत्री के जुलाई 2004-दिसंबर 2005 अतिरिक्त सचिव रहे. बाद में सीईओ, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी, उत्तर प्रदेश रहे. दिसंबर, 2005 से मई 2010 बिहार के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रहे. जुलाई 2010 को उन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया.

नीतीश के सबसे करीबी हैं आरसीपी सिंह

जानकारों की माने तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे करीबी हैं आरसीपी सिंह. मुख्यमंत्री से इनकी नजदिकीयां ऐसी है कि शायद ही ऐसा कोई फैसला हो, जो नीतीश कुमार ने बिना आरसीपी सिंह की सलाह के लेते हो. आरसीपी सिंह नीतीश कुमार के मित्र, राजनीतिक रणनीतिकार और सियासी सलाहकार हैं.

सूत्रों की माने तो आरसीपी सिंह को मोदी के मंत्रिमंडल का हिस्सा बनाया जायेगा. कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि आरसीपी सिंह को रेल मंत्री सुरेश प्रभु के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है. दरअसल रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने हाल में हुई रेल दुर्घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए बीते बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर इस्तीफे की पेशकश की थी. इसके बाद से ही आरसीपी सिंह को मंत्रिमंडल में रेल मंत्रालय मिलने की चर्चा जोरों पर है.

कहा ये भी जा रहा है कि आरसीपी सिंह को रेल मंत्रालय का अनुभव है. आरसीपी सिंह के रेल मंत्रालय मिलने से भाजपा और जेडीयू के संबंधों को मजबूती मिलने की बात कही जा रही है. आरसीपी सिंह नीतीश के रेल मंत्री और मुख्यमंत्री रहते हुए उनके साथ काम कर चुके हैं. सिंह के आईएएस से रिटायर होने के बाद जदयू ने दो बार उनका नाम राज्यसभा के लिए नोमिनेट किया था. आरसीपी के अलावा जेडीयू के पूर्णिया सांसद संतोष कुमार कुशवाहा को भी कोई मंत्री पद दिए जाने की चर्चा जोरों पर है.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

राहुल गांधी को ललन सिंह का जवाब, आधार और वोटर कार्ड वाली बात समझाई
राहुल गांधी को ललन सिंह का जवाब, आधार और वोटर कार्ड वाली बात समझाई
कटिहार पुलिस लाइन में 12 दिन तक रहा फर्जी सिपाही, ऐसे खुला राज
कटिहार पुलिस लाइन में 12 दिन तक रहा फर्जी सिपाही, ऐसे खुला राज
बिहार पुलिस रक्षक या भक्षक? पीट- पीटकर कर किया अधमरा, भड़के पूर्व डिप्टी CM
बिहार पुलिस रक्षक या भक्षक? पीट- पीटकर कर किया अधमरा, भड़के पूर्व डिप्टी CM
नीतीश कुमार को JDU ने बताया ईश्वर, कहा- 'जब धरती पर नहीं रहेंगे तो…'
नीतीश कुमार को JDU ने बताया ईश्वर, कहा- 'जब धरती पर नहीं रहेंगे तो…'

वीडियोज

Chitra Tripathi: यूपी की सियासत में श्रीकृष्ण पर 'महाभारत'! | UP Election 2027 | Krishna | ABP
UP Elections 2027: यूपी के रण में कृष्ण की एंट्री | CM Yogi | Breaking | Akhilesh Yadav | BJP
US Elections Inside Story: Donald Trump का दबदबा टूटा, बाजार खुशी से झूमा... | Share Market
Sansani: LOVE...शादी...और 'डेथ गेम' !
UP Elections 2027: श्रीकृष्ण पर BJP-SP में Poster War शुरू! चुनाव से पहले गरमाई यूपी की सियासत

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'मोदी जी को कन्फ्यूज मत कीजिए, बहस के लिए मनाइए', अमित शाह का वीडियो शेयर कर राहुल गांधी का तंज
'मोदी जी को कन्फ्यूज मत कीजिए, बहस के लिए मनाइए', अमित शाह का वीडियो शेयर कर राहुल गांधी का तंज
सीतापुर: ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से दर्दनाक हादसा, 5 महिलाओं की मौत, 20 घायल
सीतापुर: ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से दर्दनाक हादसा, 5 महिलाओं की मौत, 20 घायल
18 महीने की मासूम हथिनी 'माया' के देवदूत बने अनंत अंबानी, केरल से वनतारा किया एयरलिफ्ट
18 महीने की मासूम हथिनी 'माया' के देवदूत बने अनंत अंबानी, केरल से वनतारा किया एयरलिफ्ट
149 साल के टेस्ट इतिहास में दूसरी बार हुआ ऐसा, बांग्लादेशी गेंदबाज ने बनाया रिकॉर्ड 
149 साल के टेस्ट इतिहास में दूसरी बार हुआ ऐसा, बांग्लादेशी गेंदबाज ने बनाया रिकॉर्ड 
'रामायण' की पायरेसी रोकने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, 3 घंटे में लिंक हटाने का आदेश
'रामायण' की पायरेसी रोकने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, 3 घंटे में लिंक हटाने का आदेश
आइजेनकोट बनेंगे इजरायल के नए PM? अरब पार्टियों का समर्थन लेकिन फंसा बड़ा पेच!
आइजेनकोट बनेंगे इजरायल के नए PM? अरब पार्टियों का समर्थन लेकिन फंसा बड़ा पेच!
इरफान अंसारी के बयान पर चुप्पी क्या आपकी 'मौन' सहमति? नितिन नवीन का राहुल गांधी से सवाल
इरफान अंसारी के बयान पर चुप्पी क्या आपकी 'मौन' सहमति? नितिन नवीन का राहुल गांधी से सवाल
'हीरोइन कहां हैं?' 'मातृभूमि' के ऑफर को चित्रांगदा सिंह ने कर दिया था रिजेक्ट, जानें फिर कैसे बनी बात
'हीरोइन कहां हैं?' 'मातृभूमि' के ऑफर को चित्रांगदा सिंह ने कर दिया था रिजेक्ट, जानें फिर कैसे बनी बात
Embed widget