Bhagalpur School: बिहार का ये कैसा स्कूल! पढ़ना है तो छाता लेकर आइए, BJP बोली- CM नीतीश देख रहे PM बनने का सपना
Bihar News: विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक गिरीश कुमार मंडल का कहना है कि कई बार विभाग से इस संबंध में कहा गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. मामला गोपालपुर प्रखंड का है.

भागलपुर: बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार अक्सर बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो कुछ और ही हकीकत बयां कर रहा है. वायरल वीडियो बिहार के भागलपुर का है. गोपालपुर प्रखंड के सैदपुर उच्च विद्यालय की हालत ऐसी है कि स्कूल के कमरे में छत से पानी टपकता है. बच्चे छाता लेकर बैठते हैं.
कहा जा रहा है कि इस स्कूल की स्थापना 1941 में हुई थी. उस समय ग्रामीणों के सहयोग से ईंट और खपरैल से छह कमरों का स्कूल बनाया गया था. आज भवन जर्जर हो चुका है लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है. बेंच, डेस्क, टेबल और लाखों के सामान बर्बाद हो रहे हैं. भवन निर्माण के बाद आज तक कभी भी मरम्मत का काम नहीं हुआ. छत और दीवार में भी दरारें आ गई हैं. छत का प्लास्टर टूट कर गिरता है. विद्यालय में करीब 400 के आसपास बच्चे अपना भविष्य संवारने का सपना देख रहे हैं.
क्या कहते हैं स्कूल में पढ़ने वाले छात्र?
सैदपुर उच्च विद्यालय के छात्रों से जब इस मामले में बात की गई तो उन्होंने बताया कि यहां बारिश के समय में क्लास के कमरे की छत से पानी टपकता है जिसके कारण हम लोग स्कूल नहीं आना चाहते हैं. सही से पढ़ाई-लिखाई भी नहीं हो पाती है. बारिश के समय में पूरे स्कूल में पानी भर जाता है.
क्या कहते हैं स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक?
इस पूरे मामले में विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक गिरीश कुमार मंडल ने बताया कि बरसात के दिनों में बच्चे डर से पढ़ने नहीं आना चाहते. जब बरसात होती है तो बच्चों को यहां से निकाल देते हैं. इस वजह से पढ़ाई में दिक्कत तो होती ही है. कई बार बच्चों के साथ-साथ अभिभावक भी शिकायत लेकर आते हैं, लेकिन हम क्या कर सकते हैं. जिले में शिक्षा विभाग को प्रत्येक वर्ष पत्र के माध्यम से जानकारी दी जा रही है लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई. भवन निर्माण के लिए डीपीओ और डीईओ को भी सूचना दी गई है लेकिन कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिला.
बीजेपी ने नीतीश सरकार पर उठाए सवाल
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीजेपी ने सरकार पर हमला बोला है. बिहार बीजेपी ने अपने ट्विटर हैंडल से वीडियो शेयर करते हुए लिखा- "ये बिहार के सरकारी स्कूल का हाल है. बरसात के दिनों में बच्चों को क्लास में छाता लगाकर बैठना पड़ रहा है. ये हालत सुधरे भी कैसे! बिहार के शिक्षा मंत्री को तो रामचरितमानस की विवेचना करनी है और मुख्यमंत्री पीएम बनने का सपना देखने में ही व्यस्त हैं! बिहार के युवाओं को इस भ्रष्ट और घमंडिया गठबंधन से ना शिक्षा मिल सकती है और ना ही रोजगार!"
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