बेतिया में थानेदार की दबंगई कैमरे में हुई कैद, जांच के दौरान व्यक्ति पर बरसाए लात-घूसे, वायरल हुआ वीडियो
Bettiah Viral Video: एसपी के जनता दरबार में एक शख्स ने आवेदन दिया गया था कि उनकी जमीन पर अवैध रूप से झोपड़ी खड़ी कर दी गई है. इस शिकायत पर थानाध्यक्ष स्थल निरीक्षण के लिए पहुंचे थे.

Bettiah News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के नवलपुर थाना क्षेत्र में भूमि विवाद मामले की जांच करने पहुंची पुलिस अचानक उस समय चर्चा में आ गई, जब थानाध्यक्ष अनुपम कुमार राय के जरिए एक व्यक्ति की पिटाई किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वायरल वीडियो में थानेदार गाड़ी से उतरते ही मंसूर आलम नामक के एक व्यक्ति को लात-घूंसे मारते नजर आ रहे हैं.
पीड़ित मंसूर आलम का क्या है आरोप?
पीड़ित मंसूर आलम ने आरोप लगाया कि थानेदार ने किसी खास व्यक्ति के इशारे पर मारपीट की है. उसने थानाध्यक्ष पर तानाशाही और पद के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बेतिया एसपी ने जांच के आदेश देते हुए सदर-2 के डीएसपी को जिम्मेदारी सौंपी है.
जानकारी के अनुसार 12 अप्रैल को नवलपुर थाना क्षेत्र के निवासी प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने एसपी के जनता दरबार में आवेदन दिया था. उनका आरोप था कि मंसूर आलम ने उनकी जमीन पर अवैध रूप से झोपड़ी खड़ी कर दी है. इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष स्थल निरीक्षण के लिए पहुंचे, जहां उन्हें झोपड़ी बना हुआ मिला.
पुलिस के अनुसार थानाध्यक्ष ने जब मौके पर मौजूद मंसूर आलम से पूछताछ की, तो उसने कथित तौर पर पुलिस के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि आप पूछताछ करने वाले कौन होते हैं. इसके बाद थाने ले जाने के लिए जब पुलिस ने उसे समझाया. तो उसने जाने से इनकार कर दिया. थानेदार के जरिए बल प्रयोग कर गाड़ी में बैठाने की कोशिश की गई, जिसका वीडियो अब चर्चा में है.
2022 से चल रहा है जमीन विवाद
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह भूमि विवाद वर्ष 2022 से ही चल रहा है. पूर्व में इस मामले पर थाना स्तर पर कई बैठकें हो चुकी हैं. अनुमंडल दंडाधिकारी की कोर्ट में 144/145 के तहत वाद भी चल रहा है और अंचल अधिकारी के जरिए दाखिल ख़ारिज की प्रक्रिया को भी खारिज कर दिया गया है. इसके बावजूद दूसरे पक्ष के जरिए बार-बार उस जमीन पर निर्माण कार्य किया जा रहा है.
बेतिया एसपी पहले ही यह स्वीकार कर चुके हैं कि जिला भू-माफियाओं के चंगुल में है. जल्द ही कठोर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी जिले में भूमि विवादों को लेकर मारपीट और गोलीबारी आम बात हो गई है.
ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि क्या पुलिस की कार्रवाई उचित थी. क्या कानून के राज में इस तरह का बल प्रयोग जायज है. अब सबकी निगाहें एसपी के निर्देश पर चल रही जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हैं. क्या थानेदार को क्लीनचिट मिलेगी या कार्रवाई होगी. यह आने वाला वक्त बताएगा.
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Source: IOCL





















