पटना में मुख्य सचिव से मिले प्रशांत किशोर, जानें क्या कहा?
बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्य सचिव से मुलाकात की है. इस दौरान उन्होंने बताया कि जनता के कई मुद्दों को लेकर अधिकारियों के साथ सहमति बन गई है.

बिहार के बांकीपुर से विधायक और जनसुराज नेता प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्य सचिव के साथ बैठक की है. इस दौरान उन्होंने कहा, "मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक को डीजीपी के साथ हुई पिछली बैठक का अनुवर्ती माना जा सकता है. पुलिस से संबंधित मामलों के अलावा, हमने अन्य विभागों से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की."
प्रशांत किशोर ने बताया, "चर्चा किए गए और जिन बिंदुओं पर सहमति बनी, उनके संबंध में पटना की यातायात व्यवस्था को समग्र रूप से संबोधित करने के लिए अगले महीने के भीतर एक अंतर-विभागीय समन्वय बैठक और कार्यशाला आयोजित करने पर सहमति बनी. सहमति का दूसरा बिंदु 'सूखे नशीले पदार्थों' (गैर-इंजेक्टेबल नशीले पदार्थ) के मुद्दे से संबंधित था.
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आला अधिकारियों से मुलाकात के बाद क्या बोले पीके?
बिहार के आला अधिकारियों से मुलाकात के बाद पीके ने कहा, "हम देश भर के उन नागरिक संगठनों को शामिल करेंगे जो सूखे नशीले पदार्थों के मुद्दों या सड़क पर रहने वाले बच्चों के साथ काम करते हैं. सरकार के साथ मिलकर और सामुदायिक पुलिसिंग का इस्तेमाल करते हुए, हम सूखे नशीले पदार्थों और सड़क पर रहने वाले बच्चों से जुड़ी समस्याओं को यथासंभव कम करने का प्रयास करेंगे."
पीके ने यह भी बताया, "हमारे द्वारा उठाए गए तीसरे बिंदु के संबंध में सड़क विक्रेताओं या सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण करने वालों से पुलिस द्वारा अवैध वसूली के बारे में डीजीपी ने पहले हमें आश्वासन दिया था कि यदि किसी वार्ड में ऐसा कोई मुद्दा मौजूद है, तो हमें एक सूची प्रदान करनी चाहिए. संबंधित अधिकारी कार्रवाई करेंगे, और यदि वे ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो डीजीपी कार्यालय हस्तक्षेप करेगा.
'पटना स्मार्ट सिटी परियोजना पर केंद्रित रही बैठक'
प्रशांत किशोर ने कहा, "पिछली बैठक के आधार पर मुख्य सचिव के साथ आज की चर्चा पटना स्मार्ट सिटी परियोजना पर विस्तार से केंद्रित रही, जिसमें सड़कें, नालियां, गलियां, वेंडिंग जोन और पार्क जैसे पहलुओं को शामिल किया गया. इस व्यापक चर्चा के आधार पर, यह निर्णय लिया गया कि नगर आयुक्त के परामर्श से अगले महीने के भीतर इस मामले को विशेष रूप से संबोधित किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि पटना के बांकीपुर और अन्य क्षेत्रों में पेयजल संकट के संबंध में, सरकार ने एक नई परियोजना शुरू करने की घोषणा की, जिसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पहले ही तैयार की जा चुकी है. हालांकि, बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि डीपीआर पर आधारित परियोजना को साकार होने में समय लगेगा, लेकिन मौजूदा पेयजल आपूर्ति प्रणाली में वार्ड-वार तत्काल सुधार किए जाने चाहिए.
राशन कार्ड धारकों का उठाया मुद्दा
पीके ने आगे कहा, "एक अन्य महत्वपूर्ण मामला जिसकी जिम्मेदारी मुख्य सचिव ने खुद ली है वह पटना में राशन कार्ड धारकों के लिए अनाज आवंटन से संबंधित है, जिन्हें वर्तमान में केवल 3.5 या 4 किलोग्राम अनाज मिलता है. उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि अगले एक सप्ताह या दस दिनों के भीतर, वे आवश्यक विभागीय कार्रवाई के माध्यम से यह सुनिश्चित करेंगे कि राशन कार्ड धारकों को उनका पूरा 5 किलोग्राम अनाज मिले."
प्रशांत किशोर ने बताया कि हमारे द्वारा उठाए गए आखिरी बिंदु में गुणात्मक सुधार सरकारी स्कूलों में शिक्षा स्तर में सुधार एक वर्ष के भीतर हासिल किया जाना चाहिए. इस पर आम सहमति बन गई है. हमने गरीब परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ने की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी विस्तृत चर्चा की. यह निर्णय लिया गया है कि एक महीने के भीतर हम मुख्य सचिव के साथ शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों से मिलकर इस शिक्षा पहल के लिए व्यापक योजना को अंतिम रूप देंगे.
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