बिहार दौरे पर असदुद्दीन ओवैसी, चुनाव में 50 सीटों पर लड़ने की तैयारी, बढ़ी महागठबंधन की टेंशन
Asaduddin Owaisi: बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए ओवैसी का यह दौरा अहम माना जा रहा है. मुस्लिम बहुल क्षेत्र (किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार), मगध, मिथिलांचल पर उनकी विशेष नजर है.

Bihar News: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम पार्टियां तैयारी में जोर-शोर से जुट गई हैं. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) भी चुनावी मैदान में उतरेगी. इसी के मद्देनजर एआईएमआईएम प्रमुख एवं सांसद ओवैसी दो दिवसीय दौरे पर आज (शुक्रवार) बिहार आ रहे हैं. एआईएमआईएम प्रवक्ता आदिल हसन ने एबीपी न्यूज़ से बताया कि प्रदेश इकाई की तरफ से करीब 50 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव असदुद्दीन ओवैसी को दिया गया है. अब कितनी सीटों पर लड़ना है इस पर अंतिम निर्णय वही लेंगे.
बहादुरगंज में रैली को करेंगे संबोधित
उन्होंने कहा कि आज (शुक्रवार) शाम असदुद्दीन ओवैसी मुस्लिम बहुल सीमांचल के किशनगंज पहुंचेंगे. आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी नेताओं के साथ बैठक करेंगे. रात्रि विश्राम किशनगंज में करेंगे. कल (शनिवार) किशनगंज के बहादुरगंज में रैली को संबोधित करेंगे. उसके बाद दरभंगा के लिए प्रस्थान करेंगे. दरभंगा में पार्टी नेताओं के साथ बैठक करेंगे.
मोतिहारी के ढाका में भी रैली का आयोजन
शनिवार (03 मई) को ही दरभंगा से मोतिहारी चले जाएंगे. मोतिहारी में रात्रि विश्राम करेंगे. चार मई को मोतिहारी के ढाका में रैली को संबोधित करेंगे. उसके बाद रविवार (04 मई) को गोपालगंज जाएंगे. वहां पर पार्टी नेताओं के साथ बैठक करेंगे. गोपालगंज से रविवार को ही गोरखपुर के लिए निकल जाएंगे.
बता दें बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए ओवैसी का यह दौरा अहम माना जा रहा है. मुस्लिम बहुल क्षेत्र (किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार), मगध, मिथिलांच पर उनकी विशेष नजर है. 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने 18 सीटों पर चुनाव लड़ा था. उनमें से 5 सीटों पर जीत हासिल की थी. कई सीटों पर आरजेडी के उम्मीदवारों की हार का कारण भी ओवैसी के उम्मीदवारों को माना गया था. अब एक बार फिर ओवैसी बिहार में अपनी ताकत दिखाने के लिए तैयार हैं.
पांच में से चार विधायक ओवैसी के बाद में आरजेडी में शामिल हो गए थे. ओवैसी अगर ज्यादा सीटों पर लड़े तो महागठबंधन को नुकसान एवं एनडीए को फायदा हो सकता है. महागठबंधन के मुस्लिम वोट में बंटवारा हुआ तो सीधा लाभ एनडीए को हो सकता है. बिहार में करीब 17 फीसद मुस्लिम आबादी है.
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Source: IOCL






















