एक्सप्लोरर

Anand Mohan: बिहार का एक ऐसा बाहुबली जिसे लालू यादव के विकल्प के तौर पर देखने लगे थे लोग, अदालत से मिली थी मौत की सजा, हाई कोर्ट ने बदल दिया

आनंद मोहन जेल में रहकर ही चुनाव जीतते रहे, 1996 के लोकसभा चुनाव में समता पार्टी के टिकट पर शिवहर से चुनाव लड़े और जीत गए, दूसरी बार जनता दल के रामचंद्र पूर्वे को 40 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया.

पटना: बिहार में बाहुबलियों की तूती सिर चढ़ कर बोलती है, ये कहा जाय तो गलत नहीं होगा. चाहे वो 90 के दशक के बाहुबली हों या वर्तमान की राजनीति में धाक जमाने वाले बाहुबली, सबके लिए स्थान रिजर्व है. इस कड़ी में बाहुबली आनंद मोहन का नाम हमेशा ऊपर रहता है. जिनके ऊपर हत्या, लूट, अपहरण, फिरौती, दबंगई समेत दर्जनों मामले दर्ज हैं. आनंद मोहन एक डीएम की हत्या के मामले में सहरसा जेल में बंद है. एक समय में आनंद मोहन की तूती न ही पूरे सहरसा में बल्कि बिहार के कई जिलों में भी बोलती थी लेकिन तकरीबन 15 साल से आनंद मोहन जेल की सजा काट रहे हैं. 

कौन हैं बाहुबली आनंद मोहन

आनंद मोहन का जन्म 26 जनवरी 1956 को बिहार के सहरसा जिले के नवगछिया गांव में  एक स्वतंत्रता सेनानी के परिवार में हुआ था. आनंद मोहन के दादा एक स्वतंत्रता सेनानी थे. उनके पिता परिवार के मुखिया थे. आनंद मोहन के 17 साल के उम्र में बिहार में जेपी आंदोलन शुरू हुआ है और यहीं से उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई. कहते हैं कि बिहार की राजनीति दो चीजों पर चलती है. पहली जाति और दूसरी है दबंगई. आनंद मोहन ने भी इन्हीं दोनों चीजों का सहारा लिया और राजनीति में कदम रखा. इनका पूरा नाम है आनंद मोहन सिंह है. इनकी पत्नी का नाम लवली आनंद है जो पूर्व में सांसद भी रह चुकी हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में लवली आनंद और बेटे चेतन आनंद हाल ही में राजद में शामिल हुई हैं. जिसके बाद चुनाव में बेटे की जीत हुई है.

यह भी पढ़ें- Bihar Cabinet: आज वाल्मीकिनगर में CM नीतीश कुमार करेंगे कैबिनेट की बैठक, बगहा को दिया जा सकता है राजस्व जिले का दर्जा

80 के दशक में बाहुबली नेता बन चुके थे आनंद मोहन, 1990 में राजनीति में उतरे

80 के दशक में ही बिहार में आनंद मोहन बाहुबली नेता बन गए थे. उन पर कई मुकदमे भी दर्ज हुए. आनंद मोहन को 1983 में पहली बार तीन महीने के लिए जेल जाना पड़ा था. 1990 के विधानसभा चुनाव में आनंद मोहन जनता दल के टिकट पर महिषी से चुनाव लड़े और कांग्रेस के लहतान चौधरी को 62 हजार से ज्यादा वोट से हरा दिया. ये वो समय था जब देश में मंडल आयोग को लागू की गई थी. जिनमें सबसे अहम बात थी कि सरकारी नौकरियों में ओबीसी को 27% का आरक्षण देना. जिसे जनता दल ने भी समर्थन दिया था लेकिन, आनंद मोहन ने इस आरक्षण का पुरजोर विरोध किया. उन्होंने 1993 में जनता दल से अलग होकर अपनी पार्टी बना ली, जिसका नाम ‘बिहार पीपुल्स पार्टी’ यानी बीपीपी रखा. आनंद मोहन ने बाद में समता पार्टी से हाथ मिला लिया.

यह भी पढ़ें- Year Ender 2022: बिहार की राजनीति के वो दिग्गज जो इस साल दुनिया को कह गए अलविदा

डीएम की हत्या के मामले में मौत की सजा मिली थी

जिस समय आनंद मोहन ने अपनी चुनावी राजनीति शुरू की थी, उसी समय 1994 में  मुजफ्फरपुर में बाहुबली नेता छोटन शुक्ला की हत्या हो गई. आनंद मोहन और छोटन शुक्ला की दोस्ती काफी गहरी थी. आनंद उनके अंतिम संस्कार में भी पहुंचे. छोटन शुक्ला की अंतिम यात्रा के बीच से एक लालबत्ती की गाड़ी गुजर रही थी, जिस गाड़ी में सवार थे गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णैया. लालबत्ती की गाड़ी देख भीड़ भड़क उठी और जी कृष्णैया को पीट-पीटकर मार डाला. जी कृष्णैया की हत्या का आरोप आनंद मोहन पर लगा. आनंद मोहन पर आरोप लगा कि उन्हीं के कहने पर भीड़ ने डीएम की हत्या कर दी. आनंद की पत्नी लवली आनंद का नाम भी आया. इस मामले में आनंद मोहन को जेल हो गई. 2007 में निचली अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुना दी. आनंद मोहन देश के पहले ऐसे पूर्व सांसद और पूर्व विधायक हैं, जिन्हें मौत की सजा मिली हालांकि, पटना हाईकोर्ट ने दिसंबर 2008 में मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी जुलाई 2012 में पटना हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा. आनंद मोहन अभी भी जेल में ही हैं.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Bihar MLC Election Results Live: नीतीश कुमार की JDU को झटका, एक ही सीट पर मिली जीत
बिहार MLC रिजल्ट LIVE: नीतीश कुमार की JDU को झटका, एक ही सीट पर मिली जीत
बिहार विधान परिषद में दिखेंगे दो सगे भाई, एक कांग्रेस तो दूसरा RJD का करेगा प्रतिनिधित्व
बिहार विधान परिषद में दिखेंगे दो सगे भाई, एक कांग्रेस तो दूसरा RJD का करेगा प्रतिनिधित्व
किशनगंज: कांग्रेस सांसद जावेद आजाद ने बीजेपी-EC को घेरा, PM मोदी पर कही ये बात
किशनगंज: कांग्रेस सांसद जावेद आजाद ने बीजेपी-EC को घेरा, PM मोदी पर कही ये बात
MLC चुनाव में जीत पर तेजस्वी यादव गदगद, मगर EC की पारदर्शिता पर उठाए सवाल
MLC चुनाव में जीत पर तेजस्वी यादव गदगद, मगर EC की पारदर्शिता पर उठाए सवाल

वीडियोज

YRKKH:🫨Badi Dadi ने मेहमानों के सामने Abhira को दिए ताने, बवाल के बीच Maira-Kabir का हुआ सामना #sbs
Bollywood News: लॉस एंजिल्स के रेड कारपेट पर छाया 'रामायण' की स्टार कास्ट का रॉयल लुक (28.10.26)
Sansani: चाची के गहने...भतीजे की थार..गुप्त खेल का खुलासा ! Special Report। ABP News
MLC Election Results: काउंटिंग के बीच पुलिस से भिड़े सपा कार्यकर्ता | Bihar | Congress | NDA | JDU
UP MLC Election Result News: UP में इन सीटों पर BJP की जीत | Uttar Pradesh | Breaking | SP | ABP

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
SIR: रैली से पहले MLC चुनाव ने बिगाड़ा कांग्रेस का गेम, BJP-JDU बोली- ये तो बैलेट से हुआ
SIR: रैली से पहले MLC चुनाव ने बिगाड़ा कांग्रेस का गेम, BJP-JDU बोली- ये तो बैलेट से हुआ
UP MLC Election Results 2026 Live: सीएम योगी के गढ़ गोरखपुर में बीजेपी की जीत, तीसरे नंबर पर रहे सपा के संजयन त्रिपाठी
CM योगी के गढ़ गोरखपुर में बीजेपी की जीत, तीसरे नंबर पर रहे सपा के संजयन त्रिपाठी
MLC Election Winner List: MLC चुनाव की 28 सीटों में कौन, कहां जीता, पढ़ें पूरी लिस्ट
MLC Election Winner List: MLC चुनाव की 28 सीटों में कौन, कहां जीता, पढ़ें पूरी लिस्ट
अजय देवगन की 'दृश्यम 3' का 26वें दिन भी भौकाल, जानें- 400 करोड़ से रह गई कितनी दूर
'दृश्यम 3' की नहीं थम रही रफ्तार, 26वें दिन भी दमदार हुई कमाई
20वां 'फाइव विकेट हॉल' लेकर मिचेल स्टार्क ने रचा इतिहास, कई दिग्गज पीछे छूटे
20वां 'फाइव विकेट हॉल' लेकर मिचेल स्टार्क ने रचा इतिहास, कई दिग्गज पीछे छूटे
Explained: इजराइल के चुनाव में भारत को क्यों इतनी दिलचस्पी, क्या नेतन्याहू की हार से फायदा होगा?
इजराइल के चुनाव में भारत को क्यों इतनी दिलचस्पी, क्या नेतन्याहू की हार फायदेमंद?
MLC चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ, बिहार-महाराष्ट्र ही नहीं कर्नाटक में भी शून्य
MLC चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ, बिहार-महाराष्ट्र ही नहीं कर्नाटक में भी शून्य
तालिबानियों के बीच पहुंचा भारतीय शख्स, बंदूक पकड़ बोला, ये कैसे....
तालिबानियों के बीच पहुंचा भारतीय शख्स, बंदूक पकड़ बोला, ये कैसे....
Embed widget