तिलक वर्मा की वापसी से बदलेगा समीकरण, इस खिलाड़ी पर मंडराया प्लेइंग-11 से बाहर होने का खतरा
न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 सीरीज में संजू सैमसन के लिए हालात बिगड़ते जा रहे हैं. लगातार खराब प्रदर्शन और तिलक वर्मा की संभावित वापसी ने प्लेइंग-11 में उनके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है. हालांकि इस कामयाबी के बीच एक खिलाड़ी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन के लिए यह सीरीज खुद को साबित करने का बड़ा मौका थी, जो अब उनके हाथ से फिसलता नजर आ रहा है. वर्ल्ड कप से पहले लगातार नाकामी के चलते संजू का प्लेइंग-11 में बने रहना अब आसान नहीं दिख रहा, खासकर तब जब तिलक वर्मा की वापसी की चर्चाएं तेज हो गई हैं.
लगातार खराब प्रदर्शन ने बढ़ाई चिंता
संजू सैमसन को न्यूजीलैंड सीरीज में निरंतर मौके दिए गए, लेकिन वह उन पर खरे नहीं उतर पाए. पहले टी20 में वह सिर्फ 10 रन बना सके, दूसरे मैच में उनका बल्ला महज 6 रन पर थम गया और तीसरे मुकाबले में तो वह खाता भी नहीं खोल पाए. तीन मैचों में इस तरह के प्रदर्शन ने टीम मैनेजमेंट की योजनाओं पर पानी फेर दिया है. बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले टीम ऐसे खिलाड़ी पर भरोसा नहीं करना चाहेगी, जो लगातार रन बनाने में नाकाम रहा हो.
तिलक वर्मा की फिटनेस ने बदला माहौल
युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा चोट के चलते कुछ समय से टीम से बाहर चल रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक वह जल्द ही फिट होकर वापसी कर सकते हैं. माना जा रहा है कि वह सीरीज के आखिरी मुकाबले या वर्ल्ड कप से पहले टीम से जुड़ सकते हैं. तिलक की वापसी से भारतीय बल्लेबाजी क्रम को मजबूती मिलेगी और मिडिल ऑर्डर में टीम को एक भरोसेमंद विकल्प मिलेगा.
ईशान किशन की फॉर्म ने भी बढ़ाई संजू की मुश्किल
तिलक की गैरमौजूदगी में टीम में शामिल किए गए ईशान किशन ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है. ईशान ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मौके का पूरा फायदा उठाया है. ऐसे में मैनेजमेंट के लिए उन्हें बाहर करना आसान फैसला नहीं होगा. रणनीति के तहत ईशान को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि तिलक वर्मा नंबर तीन या चार पर बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं.
प्लेइंग-11 से बाहर हो सकते हैं संजू
इस बदले हुए समीकरण में संजू सैमसन के लिए प्लेइंग-11 में जगह बनती नहीं दिख रही है. यह सीरीज उनके लिए खुद को फर्स्ट चॉइस साबित करने का मौका थी, लेकिन वह इसे भुना नहीं पाए.
Source: IOCL


























