कोरोना संकट के बीच सचिन एक बार फिर आए आगे, 4000 जरूरतमंदों की वित्तीय सहायता की
दुनिया के महान बल्लेबाजों में से एक सचिन तेंदुलकर 24 अप्रैल को 47 साल के हो गए थे. मगर सचिन ने इस साल अपना जन्मदिन नहीं मनाया. तेंदुलकर ने ये फैसला कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई कर रहे कोरोना वारियर्स के सम्मान में लिया था. वो लगातार कोरोना संकट के बीच लोगों की सहायता कर रहे हैं.

लेजेंड्री सचिन तेंदुलकर ने हाल ही में कोरोनोवायरस लॉकडाउन के दौरान 4,000 जरूरतमंद लोगों को आर्थिक मदद के लिए दान किया है. तेंदुलकर ने मुंबई स्थित गैर-लाभकारी संगठन, हाय 5 यूथ फ़ाउंडेशन को एक दान दिया, जिसका उद्देश्य "जमीनी स्तर से भारत में बास्केटबॉल की स्थिति में सुधार लाना है." कोरोना के इस संकट के बीच दुनिया के सभी खिलाड़ी आगे आ रहे हैं और अपने देश के जरूरी राहत कोष में अपना योगदान दे रहे हैं. इससे पहले विराट, रैना, युवराज जैसे खिलाड़ी जरूरी मदद कर चुके हैं तो वहीं सचिन एक बार फिर गरीबों की मदद के लिए आगे आए हैं.
सचिन ने जिस संगठन को डोनेशन दिया. उसने ट्विटर पर सचिन का शुक्रिया अदा किया. हाई फाइव यूथ फाउंडेशन ने ट्विटर पर लिखा, 'धन्यवाद सचिन, एक बार फिर साबित हो रहा है कि खेल करुणा को प्रोत्साहित करता है! हमारे कोविड-19 फंड में आपने जो दान दिया है, उससे हमें 4000 कमजोर लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करने में मदद मिलेगी. जिनमें @mybmc schools के बच्चे भी शामिल हैं. हमारे उभरते खिलाड़ी आपको धन्यवाद देते हैं, लिटिल मास्टर!"
Best wishes to team Hi5 for your efforts in supporting families of daily wage earners. https://t.co/bA1XdQIFhC
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) May 8, 2020
पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने भी टीम को सराहनीय काम के लिए शुभकामनाएं दीं. सचिन ने फाउंडेशन को जवाब देते हुए ट्वीट किया, "दैनिक वेतन भोगी परिवारों के समर्थन में आपके प्रयासों के लिए टीम को शुभकामनाएं." इससे पहले सचिन ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सहायता के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री राहत कोष में से प्रत्येक को 25 लाख रुपये का दान दिया था.
उन्होंने देश में बढ़ते कोरोनावायरस मामलों को देखते हुए एक महीने के लिए 5,000 लोगों को खिलाने का भी वादा किया. उन्होंने यह राशि अपनलया नाम के एक गैर-लाभकारी संगठन को दान कर दी.
भारत में कोरोना केस की अगर बात करें तो ये आंकड़ा अब 59662 मरीजों का पहुंच चुका है तो वहीं अब तक इससे खतरनाक वायरस से 1981 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
Source: IOCL






















