10 साल बाद धोनी ने किया बड़ा खुलासा, ऐसे बने थे टीम इंडिया के कप्तान
टीम इंडिया के सबसे सफलतम कप्तानों में एक महेंद्र सिंह धोनी ने 10 साल बाद एक बड़े राज़ से पर्दा हटाया है. धोनी ने एक अग्रेंजी वेब पोर्टल को दिए इंटव्यू में खुलासा किया कि उन्हें साल 2007 में टीम इंडिया का कप्तान कैसे नियुक्त किया गया था.

नई दिल्ली: टीम इंडिया के सबसे सफलतम कप्तानों में एक महेंद्र सिंह धोनी ने 10 साल बाद एक बड़े राज़ से पर्दा हटाया है. धोनी ने एक अग्रेंजी वेब पोर्टल को दिए इंटव्यू में खुलासा किया कि उन्हें साल 2007 में टीम इंडिया का कप्तान कैसे नियुक्त किया गया था.
धोनी ने बताया कि जब उन्हें कप्तान बनाने की बात चल रही थी तब वे उस चर्चा में मौजूद नहीं थे. मुझे लगता है कि खेल के प्रति मेरी समझ और मेरी इमानदारी की वजह से मुझे यह टीम की कमान सौंपी गई.
उन्होंने कहा, मैं उस वक्त टीम के सबसे युवा खिलाड़ियों में से एक था. जब सीनियर खिलाड़ी मुझसे मेरी राय मांगते थे तो मैं बिना किसी डर और झिझक के अपनी बात रखता था. उस वक्त मेरा टीम के सभी सदस्यों के साथ अच्छे संबंध थे शायद इसलिए भी मुझे कप्तानी दी गई.
आपको बता दें कि उसी साल धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने टी-20 वर्ल्डकप भी जीता था.
धोनी ने एक सवाल के जबाव में बताया कि उनके क्रिकेटिंग करियर में वैसे तो बहुत से ऐसे पल हैं जिन्हें वे रखना चाहते हैं लेकिन साल 2011 में वर्ल्डकप जीतना उनके करियर का सबसे यादगार पल है.
धोनी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं लेकिन उन्होंने कुल 90 टेस्ट मैचों में 30.09 की औसत से 4876 रन बनाए जिनमें 6 शतक और 33 अर्द्धशतक शामिल है. इसके अलावा धोनी अबतक कुल 309 वनडे और 83 टी-20 मैच खेल चुके हैं.
वनडे में धोनी ने 51.71 की औसत से 9826 रन बनाए हैं जबकि टी-20 में उनके नाम 1281 रन है.

























