2019 विश्वकप की 'फ्लाइट' मिस करेंगे युवराज, अश्विन जैसे बड़े स्टार्स!
साल 2019 में इंग्लैंड में खेले जाने वाले क्रिकेट विश्वकप को लेकर भारत ने अपनी टीम की रूपरेखा लगभग तैयार कर ली है. अगले साल 2018 की शुरूआत भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका दौरे से शुरू करने जा रही है. जहां पर भारतीय टीम 3 टेस्ट मुकाबलो के साथ 6 वनडे और 3 टी20 मैच खेलेगी.

नई दिल्ली: साल 2019 में इंग्लैंड में खेले जाने वाले क्रिकेट विश्वकप को लेकर भारत ने अपनी टीम की रूपरेखा लगभग तैयार कर ली है. अगले साल 2018 की शुरूआत भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका दौरे से शुरू करने जा रही है. जहां पर भारतीय टीम 3 टेस्ट मुकाबलो के साथ 6 वनडे और 3 टी20 मैच खेलेगी.
वनडे के लिए भारतीय चयन समिति ने टीम का ऐलान भी कर दिया है. दक्षिण अफ्रीका दौरे के टीम में मोटा-मोटी उन्ही खिलाड़ियों को मौका दिया गया है जिन्हें बीते साल वेस्टइंडीज़ दौरे के बाद से टीम के साथ रखा गया है. लेकिन टीम इंडिया की वापसी में लगे 4 स्टार प्लेयर्स के लिए अब अगले विश्वकप की राह भी आसान नज़र नहीं आती.
हम बात कर रहे हैं वेस्टइंडीज़ दौरे के बाद से टीम से बाहर चल रहे युवराज सिंह, आर अश्विन, रविन्द्र जडेजा और सुरेश रैना की. एक समय पर टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन का प्रमुख हिस्सा और टीम इंडिया के बड़े मैच विनर रहे ये चारों खिलाड़ी अब वनडे टीम में वापसी के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. लेकिन मौजूदा टीम के प्रदर्शन को देखते हुए इनके भारतीय टीम में वापसी के आसार न के बराबर हैं क्योंकि युवराज सिंह और सुरेश रैना ने तो इस बार यो-यो टेस्ट भी पास कर लिया था. लेकिन उसके बावजूद दक्षिण अफ्रीकी के खिलाफ होने वाली सीरीज़ के लिए इन खिलाड़ियों को टीम में जगह नहीं मिली.

चयनकर्ताओं ने दोनों रिस्ट स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल पर एक बार फिर से भरोसा दिखाया है और दोनों को अश्विन और जडेजा पर तरजीह दी गई है. इन दोनों खिलाड़ियों ने पिछले साल श्रीलंका दौरे के बाद से ही भारतीय टीम के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया है. जिसके बिनाह पर इन दोनों को दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ के लिए टीम में जगह मिली है.
वनडे के लिहाज़ से साल 2017 में कुलदीप यादव भारत की तरफ से 22 विकेटों के साथ सबसे सफल स्पिनर रहे हैं. जबकि यजुवेन्द्र चहल 21 विकेटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं. इन आंकड़ों से ये साफ नज़र आता है कि टीम मैनेजमेंट और कप्तान विराट कोहली का भरोसा इन दोनों स्पिनर्स पर है. लेकिन इन दोनों के लिए दक्षिण अफ्रीका दौरा किसी चुनौती से कम नहीं है क्योंकि श्रीलंका को छोड़ पहली बार ओवरसीज़ में इन दोनों गेंदबाज़ो का असली टेस्ट होना बाकी है. ये दौरा इस लिहाज़ से भी अहम है क्योंकि भारतीय टीम को 2019 में विश्वकप इंग्लैंड में खेलना है.
हालांकि टेस्ट में अश्विन और जडेजा पर अब भी टीम मैनेजमेंट का भरोसा बरकरार है. लेकिन वनडे और टी20 के लिए अभी इनकी राह आसान नज़र नहीं आती.
वहीं अगर युवराज सिंह की बात की जाए तो उन्होंने जून में वेस्टइंडीज़ दौरे के बाद से एकमात्र फर्स्ट-क्लास मुकाबले को छोड़ कोई भी मैच नहीं खेला है. खबरों के मुताबिक वो इन दिनों अपनी फिटनेस को लेकर मेहनत कर रहे हैं. जिसकी वजह से वो यो-यो टेस्ट पास करने में सफल रहे. हालांकि युवराज सिंह को एक के बाद एक कई सीरीज़ में नज़र अंदाज़ करना भी चयनकर्ताओं का इशारा नज़र आता है.
भले ही युवराज सिंह ने देश को विश्वकप जिताकर दिया है. लेकिन अब उनका प्रदर्शन और उम्र उस समय से काफी आगे निकल चुके हैं.

वहीं सुरेश रैना 2015 से टीम इंडिया से बाहर हैं और टीम में वापसी के लिए कोशिश कर रहे हैं. लेकिन उनके बल्ले से अब तक ऐसा प्रदर्शन नहीं देखा गया जिसके लिए वो टीम इंडिया में अपनी पहचान बनाते थे. सुरेश रैना ने भले ही हाल में यो-यो टेस्ट पास किया है लेकिन लंबे समय से उनका बल्ला खामोख बना हुआ है.
ऐसे में टीम इंडिया के इन चारों हीरो के लिए 2019 विश्वकप में अपनी जगह बना पाना किसी मुश्किल चुनौती से कम नहीं है. इन सभी दिग्गज़ों को मौजूदा युवा खिलाड़ियों जैसी फिटनेस और प्रदर्शन दोनों जगह पर खुद को साबित करना जरूरी है. नहीं तो 2019 की फ्लाइट में इन लोगों के रास्ते पूरी तरह से बंद ही नज़र आते हैं.
Source: IOCL
















