Champions Trophy का इतिहास, कब पहली बार खेला गया टूर्नामेंट, कैसे हुई शुरुआत; क्यों चुनी जाती हैं सिर्फ 8 टीमें?
Champions Trophy 2025: चैंपियंस ट्रॉफी का इतिहास 27 साल पुराना है, जिसे अब तक कुल 7 टीमें जीत चुकी हैं. चैंपियंस ट्रॉफी में जानिए केवल 8 टीम ही भाग क्यों लेती हैं?

ICC Champions Trophy 2025 History: चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट का महत्व किसी वर्ल्ड कप से नहीं है, जिसमें विश्व की सर्वश्रेष्ठ टीम भाग लेती हैं. चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में आठ टीम भाग ले रही होंगी और यह टूर्नामेंट 19 फरवरी-9 मार्च तक खेला जाना है. इस साल यह टूर्नामेंट नौवीं बार आयोजित होने वाला है. अब तक 8 संस्करणों में ऑस्ट्रेलिया और भारत ही ऐसी दो टीम हैं, जिन्होंने 2-2 बार ट्रॉफी उठाई है. मगर बहुत कम लोग जानते होंगे कि चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत कैसे हुई, इसमें टीमें क्वालीफाई कैसे करती हैं और टूर्नामेंट में हमेशा से 8 ही टीम क्यों भाग लेती रही हैं? यहां आपको इन सारे सवालों के जवाब मिलेंगे.
कब हुई चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत
ICC ने चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत साल 1998 में की थी, लेकिन इसे पहले नॉकआउट ट्रॉफी के नाम से जाना जाता था. 1998 में हुई नॉकआउट ट्रॉफी को दक्षिण अफ्रीका ने जीता था, लेकिन जब साल 2000 में यह टूर्नामेंट दोबारा आयोजित हुआ तो इसका नाम बदल कर चैंपियंस ट्रॉफी कर दिया गया. अब तक कुल आठ बार चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन हो चुका है, जिसमें भारत और ऑस्ट्रेलिया ने दो-दो बार खिताब जीता है. वहीं दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, वेस्टइंडीज और पाकिस्तान ने एक-एक बार खिताब जीता है.
क्यों चुनी जाती हैं सिर्फ 8 टीम?
जैसा कि हमने आपको बताया कि 1998 में ICC ने नॉकआउट ट्रॉफी नाम से इस टूर्नामेंट की शुरुआत की थी. इस कारण 1998 में फॉर्मेट ही ऐसा बनाया गया कि टीमों का पहला मैच ही क्वार्टरफाइनल था. हालांकि टूर्नामेंट में 9 टीमों ने भाग लिया था. मगर प्रीलिमिनरी मैच में न्यूजीलैंड ने जिम्बाब्वे को हराकर क्वार्टरफाइनल स्टेज के लिए क्वालीफाई किया था. उसके बाद नॉकआउट ट्रॉफी का नाम बदल कर चैंपियंस ट्रॉफी तो हो गया, लेकिन 8 टीमों का फॉर्मेट जारी रहा है. मौजूदा फॉर्मेट के हिसाब चैंपियंस ट्रॉफी के लिए वे 8 टीमें क्वालीफाई करती हैं, जो ODI वर्ल्ड कप की प्वाइंट्स टेबल में पहले 8 स्थानों पर रही हों.
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Source: IOCL

















