भुवनेश्वर कुमार बोले, 'किसको मौका मिलता है और किसको नहीं, इससे चिंतित नहीं हूं'
भुवनेश्वर कुमार को पिछले विश्व कप की तरह इस बार इंग्लैंड में भी अधिकतर समय बाहर बैठकर बिताना पड़ सकता है, हालांकि उन्हें इसकी परवाह नहीं है कि किसे मौका मिलता है और किसे नहीं.
एक समय ऐसा था जब टीम इंडिया तेज़ गेंदबाज़ों के लिए संघर्ष करती दिखाई देती थी. लेकिन आज टीम इंडिया के पास एक नहीं बल्कि कई ऐसे तेज़ गेंदबाज़ मौजूद हैं जो विश्व क्रिकेट में सर्वोच्च माने जाते हैं.
विश्वकप 2019 को ध्यान में रखते हुए पहले भारतीय टीम ने अपने प्रमुख तेज़ गेंदबाज़ों पर कम शुरु कर दिया था. विश्व के नंबर एक तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार भारत के प्रमुख तेज़ गेंदबाज़ हैं. जबकि पिछली कुछ सीरीज़ में मोहम्मद शमी ने तीसरे गेंदबाज़ की समस्या को भी दूर किया है.
लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों की शानदार फॉर्म से जहां विरोधी टीमें परेशान हैं वहीं टीम इंडिया के लिए भी ये एक पॉज़ीटिव सिरदर्द है कि शमी और भुवनेश्वर में से अंतिम 11 में किसे चुना जाए.
भुवनेश्वर कुमार को पिछले विश्व कप की तरह इस बार इंग्लैंड में भी अधिकतर समय बाहर बैठकर बिताना पड़ सकता है. हालांकि इस तेज गेंदबाज को इसकी परवाह नहीं है और उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इससे चिंतित नहीं है कि किसे मौका मिलता है और किसे नहीं.
ऑस्ट्रेलिया में चार साल पहले भुवनेश्वर पर मोहित शर्मा को प्राथमिकता दी गयी जो तब अच्छी फार्म में चल रहे थे जबकि इस बार जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी का नयी गेंद संभालना तय है. ऐसे में टीम तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में किसी सीम गेंदबाज को रख सकती है.
भुवनेश्वर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘मैं इसको लेकर चिंतित नहीं हूं कि किस को मौका मिलेगा और किसे नहीं. विश्राम मिलना बेहद महत्वपूर्ण है. शमी को न्यूजीलैंड में विश्राम दिया गया और मुझे इस श्रृंखला में. आप निरंतर अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हो और इसके लिये आप फिट होना चाहते हो. यही वजह है कि मैंने विश्राम लिया.’’
भुवनेश्वर अगले तीन वनडे मैच को अभ्यास के रूप में देख रहे हैं क्योंकि वह आईपीएल को तैयारी के लिये उचित मंच नहीं मानते.
उन्होंने कहा, ‘‘जरूरी नहीं है कि आईपीएल (मैच अभ्यास के लिये उपयुक्त) हो लेकिन ये तीन मैच निश्चित तौर पर हैं क्योंकि हम किसी भी मैच को हल्के से नहीं ले सकते हैं. विश्व कप से पहले निश्चित तौर पर ये मैच हमारे लिये काफी महत्वपूर्ण हैं.’’
भुवनेश्वर के लिये आईपीएल अपने कौशल में निखार लाने का अच्छा मंच है.
उन्होंने कहा, ‘‘आईपीएल में हम अपने कौशल को निखार सकते हैं और फार्म में रह सकते हैं लेकिन वनडे और टी20 पूरी तरह से भिन्न हैं. इसलिए हम इन तीनों मैचों को विश्व कप से पहले आखिरी मैच मानकर चल रहे हैं.’’
बुमराह-शमी का संयोजन ही नहीं बुमराह-भुवनेश्वर की जोड़ी भी सफल रही है और उन्होंने कहा कि एक दूसरे की भूमिका समझने के कारण उन्हें सफलता मिलती है.
भुवनेश्वर ने कहा,‘‘अगर बुमराह विकेट ले रहा हो तो मैं रनों पर अंकुश लगा सकता हूं ताकि बल्लेबाजों पर दबाव बना रहे. हम इन चीजों पर लगातार काम कर रहे हैं. ’’
उन्होंने कहा,‘‘केवल हम दोनों ही नहीं बल्कि गेंदबाजी इकाई के तौर पर हम यह दिमाग में रखते हैं कि अगर कोई विकेट ले रहा है तो अन्य गेंदबाजों की भूमिका रन गति पर अंकुश लगाये रखना है. यह उल्टा भी हो सकता है. मैं विकेट ले सकता हूं और वह रन रोक सकता है.’’
Source: IOCL


















