खत्म हो गई अश्विन-जडेजा के विश्व कप खेलने की उम्मीद?
दो नाम ऐसे हैं जिनके बारे में कहा जा रहा है कि उनका विश्व कप खेलने का सपना अब शायद ही पूरा हो. ये दो नाम है भारत की स्पिन जोड़ी आर अश्विन और रवीन्द्र जडेजा का. दोनों 2015 विश्व कप के बाद चैंपियंस ट्रॉफी में भी टीम के साथ थे लेकिन अब उन्हें वनडे क्रिकेट से बाहर कर दिया गया है.

श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का एलान सोमवार को कर दिया गया. टीम में चौकाने वाले नाम तो नहीं थे लेकिन सिद्धार्थ कौल और श्रेयस अय्यर के रूम में दो नए चेहरे मिले. दोनों ही फर्स्ट क्लास क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं और विश्व कप 2019 को ध्यान में रखते हुए उन्हें आजमाया जा रहा है. लेकिन दो नाम ऐसे हैं जिनके बारे में कहा जा रहा है कि उनका विश्व कप खेलने का सपना अब शायद ही पूरा हो. ये दो नाम है भारत की स्पिन जोड़ी आर अश्विन और रवीन्द्र जडेजा का. दोनों 2015 विश्व कप के बाद चैंपियंस ट्रॉफी में भी टीम के साथ थे लेकिन अब उन्हें वनडे क्रिकेट से बाहर कर दिया गया है.
ये पहला मौका नहीं है ऑफ स्पिनर अश्विन और जडेजा को लगातार चौथी सीमित ओवरों की सीरीज में जगह नहीं मिली है. प्रसाद एंड कंपनी ने श्रीलंका में संकेत दिया था कि इन दोनों को आराम दिया गया है लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ भी इन दोनों को पहली पसंद के तौर पर टीम में नहीं चुना गया.
अश्विन और जडेजा ने नागपुर की पिच से मदद नहीं मिलने के बावजूद दूसरे टेस्ट में आठ और पांच विकेट चटकाए लेकिन इसके बावजूद उन्हें सीमित ओवरों की टीम में जगह नहीं मिली.
पता चला है कि चयनकर्ताओं ने 2019 विश्व कप की तैयारियों को देखते हुए अश्विन और जडेजा को अपनी योजनाओं के बारे में बता दिया है.
वनडे टीम से बाहर होने से पहले इन दोनों टेस्ट विशेषज्ञों को इस प्रारूप में विकेट चटकाने के लिए जूझना पड़ा था. जडेजा ने अपने पिछले 10 मैचों में सात जबकि अश्विन ने 10 विकेट चटकाए हैं. इस दौरान इन दोनों ने 4.90 और 4.91 रन प्रति ओवर की गति से रन दिए.
दूसरी तरफ युजवेन्द्र चहल ने 14 मैच के अपने वनडे करियर में 4.56 की इकॉनमी दर से 21 विकेट चटकाए हैं. इसी तरह कुलदीप ने 12 वनडे में 4.94 की इकॉनमी दर के साथ 19 विकेट हासिल किए है जिसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैट्रिक भी शामिल है.
इन आंकड़ों से कुलदीप और चहल कोहली जैसे आक्रामक कप्तान के लिए विकेट हासिल करने के बेहतर विकल्प साबित होते हैं.
ये दोनों युवा स्पिनर अगर साउथ अफ्रीका और इसके बाद होने वाले इंग्लैंड के दौरे पर सीमित ओवरों के प्रारूप में काफी खराब प्रदर्शन नहीं करते हैं तो फिर जडेजा और अश्विन के लिए वापसी मुश्किल होगी.
इनपुट भाषा से


















