विराट कोहली को ‘गुरु’ मनाने वाले आयुष दोसेजा ने मचाया कोहराम, रणजी ट्रॉफी में 4 शतक, 5 अर्धशतक, ठोके 949 रन
रणजी ट्रॉफी के ग्रुप चरण में दिल्ली के युवा बल्लेबाज आयुष दोसेजा सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे हैं. उन्होंने इस सीजन 4 शतक और 5 अर्धशतक की मदद से कुल 949 रन बनाकर कोहराम मचा दिया है.

Who Is Ayush Doseja: दिल्ली के युवा बल्लेबाज आयुष दोसेजा रणजी ट्रॉफी के ग्रुप चरण में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे हैं. 23 साल के इस बल्लेबाज ने सत्र की शुरुआत में हैदराबाद के खिलाफ डेब्यू किया था. उन्होंने मौजूदा रणजी सत्र में 4 शतक और 5 अर्धशतक की मदद से कुल 949 रन के साथ खत्म किया. इस दौरान उनका औसत 105.44 का रहा. रणजी के अपने डेब्यू सत्र में ही कप्तानी का दायित्व मिलने के बाद आयुष ने मुंबई के खिलाफ दूसरी पारी में नाबाद 159 रन बनाकर मैच ड्रॉ करने में अहम भूमिका निभाई. नियमित कप्तान आयुष बडोनी के भारत ए टीम से जुड़ने के कारण दोसेजा को अपने पहले सत्र में ही टीम की कप्तानी का जिम्मा सौंपा गया. मौजूदा सत्र में उनके शानदार बल्लेबाजी के बावजूद दिल्ली आठ टीमों की ग्रुप तालिका में छह ड्रॉ और एक हार से सातवें पायदान पर रही.
विराट कोहली को फॉलो करते हैं आयुष दोसेजा
आयुष दोसेजा ने बताया, ‘विराट कोहली ने कहा था कि मैदान पर जाने के बाद खुद के विकेट बचाने के लिए खेलने की जगह मुझे मैच पर अपना प्रभाव कायम करना होगा. मैं उनके इस संदेश और फिटनेस की ‘रूटीन’ को अपनाने की कोशिश करता हूं. मैं खुद को मैच के लिए जितना संभव हो उतना फिट रखने की कोशिश करता हूं.’
उन्होंने आगे कहा, ‘ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है. पहली बार मुझे दिल्ली की कप्तानी करने का मौका मिला और मुंबई के खिलाफ खेलना हमेशा खास होता है.’ दोसेजा ने कहा, ‘मैंने दूसरी पारी में उतरते समय सोचा कि भले ही पहली पारी में मैं जल्दी आउट हो गया था, लेकिन वो एक अच्छी गेंद थी और मैंने अपनी असफलता को स्वीकार किया. मुझे लगा कि ये सत्र की आखिरी पारी हो सकती है और मैं इस मौके को गंवाना नहीं चाहता था.’
एलिट वर्ग में टॉप बल्लेबाज रहे आयुष दोसेजा
एलिट वर्ग में ग्रुप चरण के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज के रूप में सत्र समाप्त करने के बाद दोसेजा ने कहा कि उन्होंने सत्र की शुरुआत किसी लक्ष्य के साथ नहीं की थी. उन्होंने कहा, ‘ये उपलब्धि अच्छी है, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इतने रन बनाऊंगा. मुझे सिर्फ अपनी मेहनत पर भरोसा था. मेरे परिवार और सभी कोच ने मेरा काफी समर्थन किया. जब भी मुझे दिल्ली के लिए खेलने का मौका मिला, मैं उसे छोड़ना नहीं चाहता था. मैं बहुत खुश हूं कि मैंने लीग चरण में टॉप स्थान हासिल किया.’
हालांकि, आयुष 1,000 रन के आकड़े से चूक गए, लेकिन उन्होंने कहा कि मुंबई के खिलाफ दूसरी पारी में ये बात उनके दिमाग में नहीं था. उन्होंने कहा, ‘नहीं, ये मेरे दिमाग में नहीं था. मैं सिर्फ टीम के लिए मैच बचाना चाहता था.’ उन्होंने आगे कहा कि मुंबई के खिलाफ लगाया गया ये शतक उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ शतक है.
Source: IOCL














