बांग्लादेश में कब होंगे चुनाव, मोहम्मद यूनुस का बड़ा ऐलान, आप भी जान लीजिए
बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने अंतरिम सरकार प्रमुख के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘उन्होंने (यूनुस) हमें बताया कि वह दिसंबर तक चुनाव कराने के लिए काम कर रहे हैं.’’

बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी को आश्वासन दिया कि उनकी अंतरिम सरकार दिसंबर तक आम चुनाव कराने की तैयारी कर रही है. यह जानकारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के शीर्ष नेता ने दी.
बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने अंतरिम सरकार प्रमुख के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘उन्होंने (यूनुस) हमें बताया कि वह दिसंबर तक चुनाव कराने के लिए काम कर रहे हैं.’’
आलमगीर पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद और मेजर (सेवानिवृत्त) हाफिज उद्दीन अहमद के साथ मुख्य सलाहकार के साथ डेढ़ घंटे की बैठक में शामिल हुए.
आलमगीर ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त की क्योंकि यह 'इस सरकार की प्रमुख विफलताओं में से एक है' हालांकि, सरकार ने कहा कि वे इसे नियंत्रित करने के लिए काम कर रहे हैं.
बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मस्कट में जयशंकर के साथ कर सकते हैं बैठक
बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों में और तनाव को रोकने के प्रयासों के तहत अगले सप्ताह ओमान में हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक कर सकते हैं.
आठवां हिंद महासागर सम्मेलन (आईओसी 2025) 16-17 फरवरी को मस्कट में आयोजित होने वाला है. नयी दिल्ली स्थित शोध संस्थान ‘इंडिया फाउंडेशन’ द्वारा ओमान के विदेश मंत्रालय के सहयोग से आयोजित यह सम्मेलन क्षेत्रीय संवाद के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य करता है.
‘प्रोथोम आलो’ अखबार की खबर के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच सम्मेलन के दौरान बैठक तय है। राजनयिक सूत्रों ने रविवार को संकेत दिया कि बांग्लादेश इस बैठक का इस्तेमाल दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में और तनाव रोकने के लिए संदेश देने के वास्ते कर सकता है.
खबर में कहा गया है कि पिछले महीने विदेश मंत्री जयशंकर ने बांग्लादेश के विदेश सलाहकार को सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था। यदि हुसैन और जयशंकर के बीच प्रस्तावित बैठक होती है, तो यह पांच महीनों में उनकी वार्ता का दूसरा दौर होगा.
हुसैन और जयशंकर की पहली मुलाकात पिछले साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में हुई थी. पिछले साल अगस्त में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन के चलते शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और भारत चली गई थीं। इसके बाद दोनों देशों के संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए.
हसीना के भारत चले जाने के कुछ दिनों बाद मोहम्मद यूनुस अंतरिम सरकार के प्रमुख बने. हिंदुओं पर हमलों और संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ गए.
हसीना के पद से हटने के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में वृद्धि हुई, साथ ही मंदिरों पर हमले भी हुए थे, जिससे भारत में गहरी चिंताएं पैदा हुई थीं.
दिसंबर में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ढाका का दौरा किया। अपनी संक्षिप्त यात्रा के दौरान, उन्होंने बांग्लादेश के विदेश सचिव मोहम्मद जसीम-उद्दीन से मुलाकात की.
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