US Iran Peace Talks In Islamabad: पाकिस्तान में ईरान से होने वाली बातचीत में ट्रंप क्या चाहते हैं? अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिया ये जवाब
पाकिस्तान में आज से अमेरिका और ईरान के बीच पीस टॉक की शुरुआत हो रही है. इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि ईरान द्वारा परमाणु हथियार न बनाने पर सहमति जताना ही इस शांति वार्ता की असल सफलता होगी.

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज से अमेरिका और ईरान के बीच पीस टॉक की शुरुआत हो रही है. इसे लेकर गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि ईरान द्वारा परमाणु हथियार न बनाने पर सहमति जताना ही इस शांति वार्ता की असल सफलता होगी.
ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'परमाणु हथियार नहीं, यह पहली प्राथमिकता है.' जब उनसे पूछा गया कि एक सफल समझौता कैसा होना चाहिए तो उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि सत्ता परिवर्तन तो होना ही चाहिए, लेकिन हमने इसे कभी मानदंड नहीं बनाया. परमाणु हथियार नहीं, यही इसका 99 प्रतिशत है.'
जेडी वेंस को लेकर क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और कहा कि उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है. इससे पहले उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें वार्ता से सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है और इस बात पर जोर दिया कि अगर ईरान अच्छी नीयत से बातचीत के लिए आएगा तो हम भी वैसे ही बात करेंगे लेकिन अगर वो हमें धोखा देने की कोशिश करेंगे तो अमेरिका भी उसी तरह का रुख अपनाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि वार्ता दल राष्ट्रपति के स्पष्ट मार्गदर्शन में है.
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा दावा
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप ने कहा कि यह अपने आप खुल जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि हम जलडमरूमध्य को खोलेंगे, चाहे वे इसमें शामिल हों या न हों. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान को सैन्य रूप से परास्त कर दिया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कोई भी राजनयिक बातचीत इसी मजबूत स्थिति से आगे बढ़ेगी. उन्होंने कहा, "हम पता लगाएंगे कि क्या हो रहा है."
ट्रंप ने आगे कहा कि हालांकि अमेरिका सीधे तौर पर जलडमरूमध्य पर निर्भर नहीं है, लेकिन कई अन्य देश हैं और वाशिंगटन इसके फिर से खुलने और वैश्विक ऊर्जा प्रवाह को सुरक्षित करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करेगा.
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