खर्ग पर हमले के बाद ईरान गुस्से से लाल, अमेरिका को दी खुली धमकी- 'तेल ठिकानों पर वार हुआ तो...'
Iran Warns US: खर्ग द्वीप पर हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी सेना ने 2500 सैनिक और एक एम्फीबियस असॉल्ट शिप को मध्य पूर्व भेजने का आदेश दिया है.

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग द्वीप पर जोरदार बमबारी की है. खर्ग द्वीप के सैन्य ठिकानों पर अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. ईरान के खातम अल अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के एक प्रवक्ता ने कहा कि अगर ईरान के तेल, आर्थिक या ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया गया तो ईरान तुरंत जवाब देगा. प्रवक्ता ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में ऐसे क्षेत्रीय ढांचे को निशाना बनाया जाएगा जिनका संबंध अमेरिका से है.
अमेरिका से जुड़े ढांचों को नष्ट करने की धमकी
ईरान के सैन्य नेतृत्व ने कहा है कि अगर उसके देश के अंदर मौजूद तेल, आर्थिक या ऊर्जा ढांचे पर हमला किया गया तो पूरे क्षेत्र में उन ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा जिनका संबंध अमेरिकी कंपनियों से है या जो वाशिंगटन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. खातम अल अंबिया हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के तेल, आर्थिक या ऊर्जा ढांचे पर किसी भी हमले के बाद तुरंत उसी तरह के ढांचों पर जवाबी हमला किया जाएगा. इसमें उन कंपनियों के ठिकाने भी शामिल हो सकते हैं जिनमें अमेरिकी हिस्सेदारी है या जिन्हें अमेरिका के क्षेत्रीय अभियान का समर्थक माना जाता है.
जानें क्यों अहम है खर्ग द्वीप
खर्ग द्वीप पर हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी सेना ने 2500 सैनिक और एक एम्फीबियस असॉल्ट शिप को मध्य पूर्व भेजने का आदेश दिया है. जेपी मॉर्गन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार खर्ग द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यहां सीधा हमला होता है तो ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का बड़ा हिस्सा तुरंत रुक सकता है. दरअसल ईरान का लगभग 90 प्रतिशत तेल इसी द्वीप से जहाजों में भरकर दूसरे देशों को भेजा जाता है. ऐसे में अगर इस द्वीप के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया तो ईरान की तेल से होने वाली बड़ी कमाई एक झटके में रुक सकती है.
ईरान पहले ही दे चुका है चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर खर्ग द्वीप पर मौजूद ईरानी तेल सुविधाओं को निशाना बनाया गया तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं. इसके जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य या खाड़ी देशों में ऊर्जा से जुड़े ढांचों पर बड़े हमले शुरू हो सकते हैं. एक दिन पहले ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने धमकी दी थी कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे पर जरा सा भी हमला हुआ तो वह पूरे क्षेत्र में तेल और गैस के ढांचों को आग के हवाले कर सकता है.
Source: IOCL
























