रूस की हथियार फैक्ट्री पर यूक्रेन का बड़ा हमला, लॉन्ग रेंज ड्रोन से मचाई तबाही
Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के युद्ध की शुरुआत साल 2022 के फरवरी महीने में हुई थी. इसके बाद से दोनों देशोें ने एक-दूसरे की ताकत कमजोर करने के लिए कई ड्रोन और मिसाइल हमलों को अंजाम दिया है.

रूस-यूक्रेन युद्ध पिछले तीन साल से ज्यादा समय से लगातार जारी है. दोनों देश लगातार एक-दूसरे को कमजोर करने के लिए मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन हमले कर रहे हैं. इसी कड़ी में यूक्रेन ने शुक्रवार (25 जुलाई, 2025) की आधी रात और शनिवार (26 जुलाई, 2025) के तड़के रूस में एक बड़े ड्रोन हमले को अंजाम दिया है. यूक्रेन ने लॉन्ग रेंज ड्रोन्स के जरिए रूस के स्टावरोपोल इलाके में स्थित एक रेडियो और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर इक्विपमेंट प्लांट पर हमला किया.
रॉयटर्स के मुताबिक, रूस में यूक्रेन के इस बड़े ड्रोन हमले की जानकारी खुद यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) के एक अधिकारी ने दी है. अधिकारी ने बताया कि रूस का स्टावरोपोल शहर, जो यूक्रेन की सीमा से करीब 540 किलोमीटर (335 मील) दूर है. यूक्रेन के ड्रोन हमले में स्टावरोपोल शहर में स्थित सिग्नल प्लांट की दो फेसिलिटीज को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है.
SBU के अधिकारी ने शेयर किया वीडियो
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, SBU के अधिकारी ने हमले के कुछ वीडियो भी शेयर किए, जिसमें एक बड़ा धमाका और आसमान में उठता घना काला धुआं देखा जा सकता है. अधिकारी ने कहा, “यह प्लांट रूस में रडार, रेडियो नेविगेशन सिस्टम और रिमोट कंट्रोल रेडियो उपकरण जैसे इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के उपकरणों का प्रमुखता से उत्पादन करता है.
उन्होंने कहा, “आज रात लॉन्ग रेंज SBU ड्रोन्स ने स्टावरोपोल रेडियो प्लांट सिग्नल की उत्पादन फेसिलिटी को अपना निशाना बनाया. हमारा हर ऐसा हमला दुश्मन के उत्पादन प्रक्रिया को रोकता है और उसके सैन्य क्षमता को कम करता है और ऐसे हमले लगातार जारी रहेंगे.”
💥 Russia: Ukrainian drone strike on military radio equipment factory 'Signal' in Stavropol. pic.twitter.com/6Q39LYz948
— Igor Sushko (@igorsushko) July 26, 2025
रूस ने हमले को लेकर नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
हालांकि, रॉयटर्स ने इस हमले से जुड़ी जानकारी की पुष्टि नहीं की है. वहीं, रूस के रक्षा मंत्रालय की ओर से भी अब तक इस हमले को लेकर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. साल 2022 से रूस और यूक्रेन के बीच इस युद्ध की शुरुआत हुई थी. इसके बाद दोनों देश एक-दूसरे की सैन्य क्षमता कमजोर करने के लिए कई ड्रोन हमले किए हैं.
यूक्रेन ने इस युद्ध के शुरुआत से ही एक घरेलू ड्रोन इंडस्ट्री को खड़ा किया है और अब उसका ध्यान लॉन्ग-रेंज ड्रोन के उत्पादन की क्षमता बढ़ाने पर है.
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Source: IOCL






















