'प्लीज उन्हें कुछ मत करना...', ट्रंप ने की ईरान से आठ महिलाओं की रिहाई की अपील
Iran Execution Controversy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में कथित तौर पर बंद आठ महिलाओं की रिहाई की अपील की है.

Iran Execution Controversy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की जेल में बंद कथित तौर पर आठ महिलाओं की रिहाई की मांग की है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इन महिलाओं की तस्वीरों वाला एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान में इन महिलाओं को जल्द ही फांसी दी जा सकती है और दुनिया चुपचाप देख रही है.
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि वह ईरानी नेताओं से अपील करते हैं कि इन महिलाओं को कोई नुकसान न पहुंचाया जाए और अगर ऐसा होता है तो वह इसके लिए आभारी रहेंगे.
‘रिहाई से बातचीत की अच्छी शुरुआत’
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मैं ईरान के नेताओं से कहूंगा, जो जल्द ही अमेरिकी डेलीगेशन से बातचीत करने वाले हैं, कि अगर आप इन महिलाओं को रिहा कर देते हैं तो मैं इसकी बहुत सराहना करूंगा. मुझे विश्वास है कि आप ऐसा करेंगे और महिलाएं भी इसका सम्मान करेंगी. कृपया उन्हें कोई नुकसान न पहुंचाएं. यह हमारी बातचीत की बेहतरीन शुरुआत होगी.” बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के अटॉर्नी जनरल ने आठ महिलाओं को फांसी दिए जाने की खबरों को खारिज कर दिया है.
वायरल पोस्ट से शुरू हुआ मामला
ईरान की महिलाओं को लेकर यह पोस्ट अयाल याकोबी नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने किया है. याकोबी खुद को ऑनलाइन यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया का ग्रेजुएट और एमआईटी का आने वाला छात्र बताते हैं. उन्होंने दावा किया कि इस्लामिक रिपब्लिक ईरान आठ महिलाओं को फांसी देने की तैयारी कर रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों ने इस पर चुप्पी साध रखी है.
तस्वीरों के साथ किया गया दावा
याकोबी की इस पोस्ट में आठ महिलाओं की तस्वीरें साझा की गई हैं, जिनके बारे में दावा किया गया है कि उन्हें ईरान में फांसी दी जा सकती है. बताया गया है कि इन महिलाओं को जनवरी में हुए प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, इन दावों की कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने इस पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए ईरान से इनकी रिहाई की अपील कर दी है.
कौन हैं ये आठ महिलाएं
वायरल पोस्ट में जिन आठ युवतियों की तस्वीरें हैं, उनके नाम बीता हेम्मती, गजल गलंदरी, गोलनाज नराघी, वीनस हुसैन नेजाद, पनाह मोवाहेदी, एंसियेह नेजाती, महबूबेह शबानी और डायना ताहेर अबादी बताए गए हैं. बताया गया है कि बीता हेम्मती पर इस साल जनवरी में ईरान में हुए प्रदर्शनों के दौरान विद्रोह भड़काने का आरोप है. वीनस हुसैन नेजाद पर विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है. वहीं, गोलनाज नराघी तेहरान के एक अस्पताल में 37 वर्षीय इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ हैं और जनवरी से जेल में हैं. महबूबेह शबानी को फरवरी में गिरफ्तार किया गया था. इन सभी आठ महिलाओं की गिरफ्तारी को जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा बताया जा रहा है.
Source: IOCL
























